जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बरगी को तहसील का दर्जा दिलाने की तैयारी तेज कर दी गई है। लेकिन तहसील बनाने से पहले जिन गांव को जबलपुर और शहपुरा तहसील से हटाकर बरगी में जोड़ा जाना है, उन गांव वालों की सहमति व सुझाव भी लिए जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर दावा आपत्ति प्रस्तुत की जाएगी। बरगी तहसील बन जाने के बाद उसकी सीमाओं का निर्धारण भी कर दिया जाएगा।

खास बात यह है कि बरगी तहसील बन जाने पर उसकी सीमा नरसिंहपुर, गोटेगांव, सिवनी जिलों से भी मिलेगी। वहीं शहरी क्षेत्र में आने वाले गांव का दायरा भी इस तहसील में शामिल हो जाएगा। दावा आपत्ति की तारीख शासन द्वारा तय की जाएगी।

प्रस्तावित सीमा और गांव

बरगी तहसील में शहपुरा के प्रस्तावित 16 हल्के और जबलपुर तहसील के 45 हल्के मिल जाने पर उसकी सीमा नरसिंहपुर, दक्षिण में गोटेगांव, लखनादौन जिला सिवनी, पश्चिम में तेंदूखेड़ा जिला नरसिंहपुर से मिल जाएंगी। यह प्रस्तावित सीमा तय की गई है। वहीं शहपुरा तहसील, जबलपुर तहसील और नारायणगंज जिला मंडला तक सीमा का विस्तार होगा। लेकिन जबलपुर तहसील की सीमा कुंडम, रांझी तक सिमट कर रह जाएगी।

बहुत कुछ बदलेगा

बरगी तहसील में निवास करने वाले सभी परिवारों के राशन कार्ड, आधार कार्ड,बिजली बिल से लेकर खसरा-नक्शा आदि में तहसील दर्ज होने लगेगा। लोगों को जरूरत के मुताबिक नए सिरे से अपने मूल निवासी प्रमाण पत्र में बरगी की जगह अब तहसील बरगी दर्ज कराना होगा।

लेकिन यह कार्य नए सभी तरह के प्रमाण पत्र बनाने के दौरान किया जाएगा। सभी राजस्व रिकार्ड प्रशासनिक स्तर पर अपडेट किए जाएंगे। अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, आंगनवाड़ी से लेकर पुलिस थानों और राजस्व सीमा का क्षेत्र भी तय किया जाएगा।

तहसील बनने के चलते अधिकांश राज्य सरकार के अधीन आने वाले अधिकांश विभागों की शाखा भी वहां काम करने लगेंगी। एसडीएम-तहसील कार्यालय के अलावा मंडी, उपमंडी, खाद्य विभाग से लेकर बिजली दफ्तर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network