जबलपुर। हृदय रोगियों के लिए माइग्रेन की एलोपैथी दवा घातक है। यह एलोपैथी से पूरी तरह ठीक नहीं होता है। माइग्रेन पर शोध की काफी संभावनाएं हैं। मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी में माइग्रेन पर आयुर्वेदिक इलाज पर जल्द ही पीएचडी शुरू की जाएगी। यह बात मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आरएस शर्मा ने वेटरनरी यूनिवर्सिटी में माइग्रेन के आयुर्वेदिक इलाज पर आयोजित कार्यशाला में कही।

माइग्रेन पर आयोजित कार्यशाला में पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश ने कहा कि माइग्रेन का आयुर्वेद में उपचार है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. आरएस शर्मा ने आयुर्वेदिक अस्पताल जबलपुर में प्रोफेसर डॉ. रवि श्रीवास्तव को माइग्रेन पर शोध करने एक रूपरेखा तैयार करने कहा है। वे इस पर पूरा डाटा कलेक्शन करेंगे। कार्यशाला में डॉ. सुमित श्रीवास्तव व अन्य चिकित्सक उपस्थित थे।

मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयुर्वेद संकाय में पीएचडी पहले ही शुरू हो चुकी है, लेकिन अब इसमें माइग्रेन को भी शामिल किया जाएगा। इसमें यह देखा जाएगा कि आयुर्वेद की दवाओं से कितने मरीज ठीक होते हैं। इसका डाटा तैयार किया जाएगा। रिसर्च वर्क में जो फंड की जरूरत होगी वह मेडिकल यूनिवर्सिटी देगी। इसका फायदा मरीजों को मिलेगा। डॉ. आरएस शर्मा, कुलपति, मप्र मेडिकल यूनिवर्सिटी

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