जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। इन दिनों आक्सीजन एक्सप्रेस की मदद से कई शहरों में कोरोना संक्रमण से ग्रस्त लोगों को सांसें देने के लिए आक्सीजन पहुंचाई जा रही है। रेलवे द्वारा चलाई जा रही इस एक्सप्रेस को प्रारंभिक स्टेशन से गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रेलवे ने योजना के साथ काम किया है। खास बात यह है कि यह ट्रेन जिस भी स्टेशन या रूट से गुजरती है, वहां इसे नहीं रोका जाता बल्कि ड्राइवर को ग्रीन सिग्नल देकर ट्रेन को वहां से निकाल दिया जाता है। मध्य प्रदेश के जबलपुर, सागर और भोपाल के लिए पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा अब तक 12 बार आक्सीजन एक्सप्रेस चलाई गई है। इस ट्रेन को चलाने वाले ड्राइवर बताते हैं कि इस ट्रेन को चलाकर उन्हें ऐसा लगता है जैसे वह लोगों की सांसों को आक्सीजन दे रहे हैं।

जीवन बचाने से बड़ा काम कोई नहीं : जबलपुर मण्डल के न्यू कटनी जंक्शन में पदस्थ लोको पायलट सुभाष चन्द्र बताते हैं कि आक्सीजन एक्सप्रेस चलाने में मुझे बहुत खुशी हुई। चिकित्सालय में आक्सीजन की आपूर्ति होने से मरीजों को इलाज में कोविड संक्रमण के चलते उनके जीवन की रक्षा करने में मदद मिलेगी। वे बताते हैं कि बोकारो से आक्सीजन एक्सप्रेस लेकर हम कटनी की ओर रवाना हुए। दो टैंकरों में 22.26 मीट्रिक टन मेडिकल आक्सीजन लेकर आए और रास्ते में ग्रीन कारीडोर के तहत प्रत्येक स्टेशन पर ग्रीन सिग्नल मिला। कटनी से मकरोनिया तक बिना रुके निरंतर आक्सीजन एक्सप्रेस चलाकर मुझे बहुत खुशी मिली और अन्य रेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों का पूरा सहयोग मिला जिससे मुझे कोई परेशानी नहीं हुई।

मैं इस रूप में मदद कर रहा हूं : जबलपुर मण्डल के न्यू कटनी जंक्शन पर पदस्थ गार्ड एसएन विश्वकर्मा बताते हैं कि इस समय जो जैसी मदद कर सके, उसे करना चाहिए। मैं इस समय आक्सीजन एक्सप्रेस को चलाकर लोगों की मदद कर रहा हूं। उनके लिए आक्सीजन पहुंचाने से बड़ा मुझे इस वक्त और कोई बड़ा काम नहीं लगता। दूसरी बार मैं आक्सीजन एक्सप्रेस ले जाने का सौभाग्य मिला है। मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे आक्सीजन ले जाने का मौका मिला। मैं यही आशा करता हूं कि मरीजों को जल्द से जल्द आक्सीजन की आपूर्ति हो सके जिससे उनको इलाज में मदद मिल सके। इस दौरान उन्हें इस सेक्शन में सभी जगह ग्रीन सिग्नल मिले जिससे कि वो ट्रेन की सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करते हुए परिचालन किया। इसके पहले मैंने न्यू कटनी से फरीदाबाद तक की सर्वाधिक दूरी की ट्रेन चलाने का अनुभव प्राप्त किया।

खास बात :

- रेल द्वारा मध्य प्रदेश में कुल 12 ऑक्सीजन एक्सप्रेस पहुंचाई जा चुकी हैं ।

- इनसे 38 टैंकरों में कुल 430.41 मीट्रिक टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की पूर्ति की गई।

- भारतीय रेलवे द्वारा 150 ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 590 टैंकरों में 9440 मीट्रिक टन तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की देश भर के राज्यों को आपूर्ति की गई है।

Posted By: Brajesh Shukla

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