जबलपुर। कुछ माह बाद ट्रेनों की धुलाई में घंटों नहीं लगेगा बल्कि 5 मिनट में ही ट्रेनों की धुलाई हो जाएगी। जबलपुर सहित देश के 100 रेलवे स्टेशनों में अब ट्रेनों की धुलाई ऑटोमेटिक कोच वॉशिंग प्लांट में होगी। इसके जरिए 5 मिनट में ही पूरी ट्रेन धुलकर बाहर आ जाएगी। इससे ट्रेनों की सफाई में लगने वाले घंटों के समय को बचाया जा सकेगा

दरअसल, लंबी दूरी की ट्रेनों सहित जबलपुर जैसे रेलवे स्टेशन में जहां कई ट्रेनों का संचालन रोजाना होता है इनके रखरखाव सहित साफ-सफाई के लिए लंबा समय लगता है। इस कारण कई बार ट्रेनों के रवाना होने में भी विलंब हो जाता है। एसीडब्ल्यूपी लगने का सीधा फायदा रेल यात्रियों को भी मिलेगा। घंटों देरी से आने के बावजूद ट्रेन मिनटों में साफ होकर प्लेटफार्म में रवाना होने के लिए लग जाएगी। इसके साथ ही रेलवे द्वारा एक रैक को दूसरी ट्रेन बनाकर भी जल्द से जल्द रवाना कर सकेगा।

पाइप की बौछार से होती है धुलाई

मौजूदा समय में कर्मचारियों द्वारा ट्रेनों की धुलाई पानी की पाइप से बौछार कर की जाती है। इसमें एक-एक कोच में ही काफी अधिक समय लग जाता है। साथ ही पानी की खपत भी अधिक होती है। एसीडब्ल्यूपी लगने के बाद चलती हुई ट्रेन की 5 मिनट के अंदर ही सफाई हो जाएगी।

पानी की होगी बचत

जबलपुर कोचिंग डिपो से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में 24 कोच की एक ट्रेन के धुलाई में कम से कम 1 घंटे लगते हैं इसके साथ ही पूरी ट्रेन को धुलाई के साथ मेंटेनेंस में 4 से 5 घंटे का समय लग जाता है। कई बार कोहरे आदि के कारण घंटों की देरी से आने वाली ट्रेनों की सफाई नहीं हो पाती जिसके कारण उन्‍हें मामूली सफाई के बाद ही रवाना कर दिया जाता है।

कर्मचारी द्वारा ट्रेन के एक कोच की धुलाई में कम से कम 1 हजार लीटर पानी लगता है जो 24 कोच की ट्रेन को धोने में 24 हजार लीटर पानी खर्च होता है। यही काम ऑटोमेटिक मशीन से किया जाएगा तो 10 हजार लीटर से भी कम पानी में पूरी ट्रेन की धुलाई हो जाएगी।

इनका कहना है

जबलपुर में ऑटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट लगने की कार्ययोजना बन चुकी है। इसका जल्द ही टेंडर खोला जाएगा। पूरी प्रक्रिया में लगभग 6 माह का समय लग जाएगा।

-एमके मिश्रा, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (कोचिंग)

Posted By: Hemant Upadhyay