जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अगस्त शुरू होते ही स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। शिक्षण संस्थाओं के साथ अन्य सामाजिक संस्थाएं भी स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए अपनी योजनाएं बनाने लगती हैं। खासतौर पर कोरोना के समय में स्वतंत्रता दिवस को लेकर काफी सावधानी रखते हुए आयोजन करने का प्रयास किया जा रहा है। यही वजह है कि ज्यादातर आनलाइन आयोजनों पर ध्यान देकर उसी के अनुसार तैयारियां हो रहीं हैं। जिससे लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके।

संभागीय बाल भवन में प्रतियोगिता : विद्यार्थियों के लिए भी स्वतंत्रता दिवस पर कई आयोजन होते हैं। इसका उद्देश्य उनकी प्रतिभा को निखारने के साथ ही आजादी की गाथा से उनका परिचय करवाना और आजादी का महत्व समझाना रहता है। संभागीय बाल भवन द्वारा भी कुछ ऐसे ही उद्देश्य से स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है विषय पर विविध सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। संभागीय बाल भवन के संचालक गिरीश बिल्लोरे ने बताया की इन प्रतियोगिताओं में पंजीकृत विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे। विद्यार्थियों के लिए काव्य पाठ, काव्य लेखन के साथ-साथ मूर्तिकला भी स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है थीम से संबंधित रहना चाहिए। मूर्तिकला में स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले या फिर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्ति प्रतिभागियों को बनाना है। प्रतिभागियों को प्लास्टर ऑफ पेरिस का उपयोग ना करके मिट्टी से मूर्ति बनाने के निर्देश दिए गए हैं। चित्रकला प्रतियोगिता में भी बाल कलाकारों को अपने हाथों का हुनर दिखाते हुए स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े लोगों या फिर घटनाओं को ही चित्रित करना है। इस आयोजन के जरिए बच्चों को पूरी तरह से स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ते हुए उनकी जानकारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

Posted By: Brajesh Shukla

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