जबलपुर, नईदुनिया रिपोर्टर। जनता कर्फ्यू के दौरान घर पर थे। वर्क फ्रॉम होम चल रहा था साथ ही घर के काम भी हो रहे थे। इसी बीच समय एक नियमित दिनचर्या बन गई थी। जिसमें सबसे ज्यादा जरूरी था सुबह जल्दी उठकर योग व ध्यान करना। लेकिन अब जनता कर्फ्यू खत्म होने से ऑफिस जाना पड़ रहा है। इसके बाद भी जो नियमित दिनचर्या बनी थी उसे बनाए रखने की कोशिश हर दिन जारी है। क्योंकि कोरोना काल में एक बात समझ में आ गई है कि यदि घर-ऑफिस साथ में संभालना है तो इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है खुद को स्वस्थ रखना। और इसके लिए एक सीधा का तरीका है योग व ध्यान। ये कहना एक प्राइवेट संस्थान में काम करने वाली सुरभि दुबे का। सिर्फ सुरभि ही नहीं शहर में रह रहीं अधिकांश वर्किंग महिलाओं ने अब नियमित योग व ध्यान को समय देना अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया है।

बढ़ गईं थीं कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां : आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक ऋतुराज असाटी ने बताया कि बीते एक साल में यदि कोई सबसे ज्यादा योग व ध्यान से जुड़ा है तो वो हैं वर्किंग महिलाएं। जिनकी संख्या पहले कुछ में थी अब सबसे ज्यादा है। इसकी प्रमुख वजह है वर्क फ्रॉम होम। वर्क फ्रॉम होने से दिन भर घर पर रहना और ऑफिस के कार्यों के साथ घर के काम भी निपटाना। कोरोना के कारण मेड भी नहीं रहीं घरों में। जिसने महिलाओं की परेशानी बढ़ा दी। ऐसी कई वर्किंग महिलाएं कोरोना काल में हमारे पास आईं जो प्राइवेट जॉब करती हैं, बिजनेस करती हैं या फिर चिकित्सा के क्षेत्र से। सभी ने फोन करके बोला है कि उनका बीपी बढ़ गया है तनाव में। उन्हें योग व ध्यान करना ही है।

फोन करके पूछती हैं कि योग से कैसे जुड़ें : योगाचार्य नवीन जैन ने बताया कि वे पूरे कोरोना काल में लोगों से फोन और इंटरनेट के माध्यम से जुड़े रहे और सूक्ष्म योग करने का तरीका बताते हैं। उनके पास फोन पर योग करने की जानकारी लेने वालों में वर्किंग महिलाओं की संख्या अधिक रही। क्योंकि उन्हें घर और बाहर दोनों ही मैनेज करना थे जो घर पर रहते हुए थोड़ा कठिन हो रहा था।

खुद के लिए समय निकालना जरूरी : एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करने वाली रीतिका शर्मा ने बताया कि बीते दिनों उनका बीपी बहुत बढ़ गया था। इतना तनाव था कि हमेशा सर दर्द रहने लगा था। बच्चे-पति कोई भी बात करते तो चिड़चिड़ापन आ गया था। फिर मैंने योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल किया। काफी आराम हुआ है। मेरे साथ मेरी अन्य सहकर्मियों ने योग व ध्यान को अपनाया है। महिलाओं में पहले की अपेक्षा खुद के स्वास्थ्य के प्रति जागगरूकता आई है जो कि पहले कम थी। इसका परिणाम ये है कि हमारी कार्य क्षमता बढ़ी है। अब हम पहले से ज्यादा काम करते हैं वो भी समय पर और खुश के साथ-साथ स्वस्थ भी हैं।

Posted By: Brajesh Shukla

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