जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। आपसी रायशुमारी से संबंधों को टूटने से बचाने में जबलपुर पुलिस ने मध्य प्रदेश में बाजी मारी है। ऊर्जा महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से संचालित समा पायलट प्रोजेक्ट में जबलपुर ने प्रदेश में बाजी मारी है। जिले का कैंट थाना पहले नंबर पर आया है। जबकि दूसरे नंबर पर ग्वालियर का जनकगंज थाना तथा तीसरे नंबर पर भोपाल का गोविंदपुरा थाना रहा। दरअसल, पुलिस द्वारा महिलाओं की किसी भी समस्या का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निपटारा किया जा रहा है। समा प्रोजेक्ट के बाद प्रकरण और तेजी से निपटाए जा रहे हैं। आनलाइन मीडिएशन के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच रायशुमारी कराते हुए विवाद सुलझाए जा रहे हैं। ऊर्जा डेस्क में पारिवारिक व पड़ोसियों से विवाद की शिकायतें अपेक्षाकृत ज्यादा संख्या में पहुंचती हैं। कैंट थाना प्रभारी विजय तिवारी ने ऊर्जा डेस्क की टीम के कामकाज की सराहना की है। उन्होंने कहा कि तमाम मामलों में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा ने दोनों पक्षों में राशुमारी कराई।

केस-1

कैंट थाना क्षेत्र निवासी दंपत्ति एक ही छत के नीचे रहकर छह साल से अलग थे। दोनों एक-दूसरे का चेहरा देखना भी पसंद नहीं करते थे। दोनों के बीच सुलह की तमाम कोशिशें नाकाम हो चुकी थीं। ऊर्जा डेस्क प्रभारी कैंट थाना उप निरीक्षक जया तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर दंपत्ति को समझाइश दी गई। समा प्रोजेक्ट के तहत विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुभवी मीडिएटर ने उनकी काउंसलिंग की। मामला तलाक तक पहुंच चुका था। परंतु अब दंपत्ति के बीच मनमुटाव खत्म हो चुका है। वे साथ में घूमने भी जाते हैं।

केस-2

पिता की मौत के बाद सगे भाइयों में संपत्ति का झगड़ा शुरू हो गया। दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे हो चुके थे। कई बार-तनातनी की स्थिति निर्मित हुई। झगड़े में घर की महिलाएं भी कूद पड़ीं। स्वजन व रिश्तेदारों ने भाइयों के रिश्ते में दुश्मनी की दीवार को ढहाने की तमाम कोशिश की परंतु सफल नहीं हो पाए। ऊर्जा डेस्क तक पहुंची शिकायत के बाद विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुभवी मीडिएटर ने उनसे बातचीत की। आनलाइन मीडिएशन से घर बैठे मसला सुलझ गया। रिश्तों में आई खटास दूर हुई और भाई गले मिले।

482 मामलों में मध्यस्थता कराई: पुलिस थानों में संचालित ऊर्जा डेस्क और डायल-100 के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों को आनलाइन मध्यस्थता से सुलझाया जा रहा है। ऊर्जा डेस्क ने कुछ माह के भीतर 482 प्रकरणों में मध्यस्थता कराई। जिले में इस अवधि में एक हजार 901 प्रकरण जिनमें पारिवारिक विवाद, छोटे-मोटे झगड़े, पडोसियों के झगड़े, मकान मालिक एवं किराएदार, व्यापार आदि के विवाद शामिल रहे। लोगों के रिश्तों में आई खटास, विवाद व तनावपूर्ण िस्थिति को दूर किया गया। 218 पारिवारिक विवाद, पड़ोसियों के संबंधित 78 विवाद, 186 मामले ससुुराल में प्रताड़ना संबंधी सुलझाए जा चुके हैं।

मध्य प्रदेश के टाप-3 थाने

जबलपुर-कैंट

ग्वालियर-जनकगंज

भोपाल-गोविंदपुरा

-------------------------

ऊर्जा डेस्क समा प्रोजेक्ट के लिए व्यवस्था में संलग्न जवानों व महिला पुलिस अधिकारी इस उपलब्धि के वास्तविक हकदार हैं। जिले के 33 थानों में ऊर्जा डेस्क का संचालन किया जा रहा है। विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुभवी मीडिएटर की मौजूदगी में आनलाइन मध्यस्थता टूटते रिश्तों को बचाने में सफल रही है।

सिद्धार्थ बहुगुणा, पुलिस अधीक्षक

Posted By: Ravindra Suhane

NaiDunia Local
NaiDunia Local