जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सटोरिया सतीश सनपाल व उसके गुर्गों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पुलिस ने गुर्गों समेत सनपाल का गन लायसेंस निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उक्त असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। इधर, सटोरियों से जुड़े कुछ मोबाइल नंबरों की सीडीआर में चौंकाने वाली जानकारी पुलिस को मिली है। सनपाल व गुर्गों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। कलेक्टर सिद्धार्थ बहुगुणा ने कहा कि सनपाल व उसके साथियों के गन लायसेंस निरस्त करने के लिए कलेक्टर व गृह मंत्रालय को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। इधर, आयकर विभाग भी चल-अचल संपत्ति की पतासाजी में जुटा है। ईडी ने भी सनपाल व उसके कारनामों की जांच में कूद सकती है।

आजम, सतीश की तलाश-

सनपाल के कार्यालय में दबिश के बाद पुलिस के हाथ कई अहम दस्तावेज लगे हैं। जिससे पता चलता है कि सट्टे से कमाई रकम को सनपाल व उसके गुर्गों ने रियल इस्टेट में निवेश किया था। उनकी बेनामी संपत्तियों का भी पता चला है। जिन लोगों से संपत्ति खरीदी के प्रमाण मिले हैं, पुलिस उनसे पूछताछ कर सकती है। अमित, विवेक व आजम आइपीएल सट्टा से संबंधित पैसे का लेनदेन करते हैं। सतीश सनपाल ओपन वेब पर एक्सचेंज के माध्यम से सट्टा खिलवाता है। सट्टे से होने वाली कमाई को कार्यालय की आलमारी व लाकर में रखा जाता है। दो लाकर खुलवाए गए तो उसमें 21 लाख 55 हजार 600 रुपये नकद मिले। साथ ही सात नोटपैड जब्त किए गए जिसमें लाखों रुपये के सट्टे के लेनदेन का हिसाब लिखा था।

शहर के बड़े सटोरिए भूमिगत-

सनपाल पर शुरू हुई ताबड़तोड़ कार्रवाई से जिले में सट्टा कारोबार प्रभावित हुआ है। सनपाल से जुड़े तमाम सटोरिए भूमिगत हो गए हैं। ग्वारीघाट रेतनाका निवासी अमित शर्मा उर्फ पंडित व विवेक पांडेय, आजम सनपाल के लिए काम कर रहे थे। फिलहाल तीनों फरार हैं। सनपाल द्वारा संचालित हाईटेक क्रिकेट सट्टे की कमाई को ठिकाने लगाने का काम सनपाल ने इन्हीं लोगों को दिया था।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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