जबलपुर नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे, अब बड़े स्टेशनों के साथ छोटे स्टेशनों को सुंदर और सुविधाजनक बनाने पर जोर रहा है। जल्द ही आप को छोटे स्टेशन तक पहुंचने वाली सड़क से लेकर पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी। इतना ही नहीं स्टेशन पर गार्डन, यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सी से लेकर पानी और हवा की व्यवस्था भी होगी। वहीं स्टेशन पर रूकने के लिए यात्रियों को रिटायरिंग रूम और बैठने के लिए वेटिंग रूम भी मिलेगा।

रेलवे ने जबलपुर रेल मंडल समेत सभी मंडल में आने वाले छोटे स्टेशनों को यात्री सुविधाओं के युक्त बनाया जा रहा है। वहीं इस काम में बजट की कमी न हो, इसलिए जबलपुर रेल मंडल को यात्री टिकट और अन्य माध्यम से होने वाली कमाई को खर्च किया जाएगा। इसके लिए जबलपुर रेल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों को चुना है। क्या है योजनाजबलपुर रेल मंडल ने अपनी सीमा में आने वाले 15 रेलवे स्टेशनों को चुना है।

इन स्टेशनों में पिपरिया और करेली जैसे छोटे स्टेशनों के साथ मैहर, रीवा स्टेशनों को भी रखा गया है। रेलवे की मंशा है कि वह इन स्टेशनों में आने वाले यात्रियों और ट्रेनों की संख्या देखने की बजाए यहां की सुविधा और सुंदरता को देखा। इन स्टेशनों को विकसित करने से पहले जबलपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग के अधिकारियों ने देश के कई छाेटे स्टेशनों को निरीक्षण किया और यह देखा कि स्टेशनों को किस तरह और कितनी लागत में विकसित किया जा सकता है।

यह स्टेशन होंगे आधुनिक जबलपुर

मंडल की सीमा में आने वाले कटनी, मुडवारा, कटनी साउथ, दमोह, मैहर, नरसिंहपुर, करेली, पिपरिया, गाडरवारा, ब्यौहारी, बरगंवा, सिहोरा, सागर, रीवा और मैहर हैं। अभी इन स्टेशनों पर यात्री और ट्रेनों की संख्या में आधार पर सुविधा दी गई है, लेकिन अब इन्हें विकसित करने के लिए यह आधार नहीं माना जाएगा। इनके विकसित हाेने से न सिर्फ स्टेशन से जुड़े शहर के लोगों को फायदा मिलेगा, बल्कि स्टेशन से जुड़े आसपास के शहर, गांवों के लाेगों को भी इसका फायदा होगा, जहां रेलवे स्टेशन नहीं हैं।

भुवनेश्वर के खुर्दा स्टेशन का निरीक्षण

जबलपुर रेल मंडल के कमर्शियल विभाग के एसीएम देवेश सोनी और उनकी टीम ने अपनी सीमा में आने वाले 15 स्टेशनों को किस तरह से विकसित किया जाए, इसके लिए भुवनेश्वर के खुर्दा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां पर रेलवे द्वारा दी गई सुविधाओं और सुंदरता के लिए किए गए कामों को देखा। इसकी एक रिपोर्ट तैयार कर कमर्शियल विभाग के मुखिया सीनियर डीसीएम विश्वरंजन को भी दी गई है। इस स्टेशन को आधार बनाकर जबलपुर मंडल अपनी सीमा के रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाएगा। यात्रियों को फायदा- उनके शहर का स्टेशन पहले से सुविधा जनक और सुंदर होगा। आज जहां कई स्टेशनों में ट्रेन का इंतजार करने शेड के नीचे बैठना पड़ता है, वहां अब उन्हें बैठने के लिए वेटिंग रूम मिलेगा। पीने के लिए साफ पानी, वाहन खड़े करने और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक पार्किंग मिलेगी। शहर से स्टेशन पर बेहतर सड़क होगी, जिसमें प्रकाश व्यवस्था होगी। रेलवे को फायदा- रेलवे स्टेशनों को सुंदर और सुविधाजनक बनाने के लिए उसकी साख बढ़ेगी। इन स्टेशनों का मेंटेनेंस करने उसके बजट में इजाफा होगा। इन स्टेशनों में तैनात रेलवे कर्मचारियों को भी बेहतर सुविधा और काम करने का अच्छा माहौल मिलेगा। स्टेशन से गांव-शहर को जोड़ने वाले सड़क बनने के बाद रेलवे के पार्सल में भी इजाफा होगा।

Posted By: Jitendra Richhariya

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