जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जबलपुर रेल मंडल ने इन ​दिनों अपनी आय में इजाफा करने के लिए हर संभव कदम उठाना शुरू कर दिया है। इस बार वह मुख्य रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 1 के बाहर बने रेलवे कर्मचारियों के रेस्ट हाउस को भी किराए पर देने जा रहा है। अभी तक यात्रियों की सुविधा को ठेके पर देकर वह अपनी आय बढ़ा रहा था और अब वह रेलवे कर्मचारियों की सुविधाओं में कटौती करके आय कमाने में जुट गया है, जिसका अब विरोध शुरू हो गया है।

कर्मचारियों के लिए 40 फीसद कमरे : दरअसल रेल अधिकारियों व कर्मचारियों के रेस्ट हाउस श्वेताम्बरी को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है। हालांकि कर्मचारी संगठन इसके पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं। जबलपुर मुख्यालय स्थित रेस्ट हाउस श्वेताम्बरी का संचालन पूरी तरह से प्राइवेट कंपनी के हवाले करने की योजना तैयार की जा रही हैं। इसके तहत ठेकेदार 60 फीसदी कमरे अपने पास रखेगा और 40 प्रतिशत कमरे रेल कर्मचारियों के रुकने के लिए होंगे। इतना ही नहीं रेस्ट हाउस की दीवारों पर विज्ञापन का अधिकार भी उक्त ठेकेदार के पास होगा और यहां रेस्टारेंट भी वहीं चलाएगा। वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज यूनियन के मंडल सचिव नवीन लटोरिया का कहना है कि श्वेताम्बरी को निजी हाथों को सौंपने का निर्णय गलत है। कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए श्वेताम्बरी की बजाय नीलांबरी को निजी हाथों में दिया जा सकता है। रेलवे लगातार अपनी संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है ताकि अपनी आय बढ़ा सके।

Posted By: Brajesh Shukla

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