जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। यात्री ट्रेनों के साथ रेलवे अब मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दे रहा है, जिसका फायदा यह हुआ कि न सिर्फ मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ी बल्कि व्यापारियों का समय पर माल पहुंच गया। पश्चिम मध्य रेलवे ने भी मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने पर जोर दिया। जो मालगाड़ी 20 से 30 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से चलती थी, वह आज 50 से 70 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से चल रही है। पमरे के जनसंपर्क अधिकारी राहुल जयपुरिया का कहना है कि रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का फायदा मालगाड़ियों की रफ्तार को मिला। वहीं मालगाड़ियों से माल बुक करने वाले व्यापारी का भी समय पर माल पहुंच गया।

एक साल में बढ़ गई रफ्तार: मार्च 2021 में पश्चिम मध्य रेल पर मालगाड़ियों की औसत गति 57. 20 किमी रही, जो वर्ष मार्च 2020 से 76.54 प्रतिशत अधिक है। मार्च 2020 में मालगाड़ियों की औसत गति 32.40 किमी थी। पश्चिम मध्य रेल द्वारा मालगाड़ियों की गति बढ़ाने के लिए चरणबद्ध तरीके से योजना बनाई गई, जिसमें क्रू बदलने के स्थान का युक्तिकरण किया गया। इसके साथ ही लंबी मालगाड़ियों का संचालन, ट्रैफिक ब्लॉक का अधिकतम उपयोग, टर्मिनल में देरी होने पर विश्लेषण करना भी अहम रहा। वहीं इंटरचेंज पाइंट पर डिटेंशन कम करना जैसे कदम भी उठाए गए।

रेलवे ने यह कदम भी उठाए :

- विद्युतीकरण से 2020-21 में कटनी-सतना, सतना-रीवा का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हुआ।

- इटारसी-भोपाल-बीना, नागदा-मथुरा खंडों पर गाड़ियों की अधिकतम गति सीमा बढ़ाई।

- हबीबगंज-मंडीदीप-बरखेरा, लिधोराखुर्द-मकरोनिया खंडों पर तीसरी लाइन का कार्य पूरा किया।

Posted By: Brajesh Shukla

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags