जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे के अधिकारियों की साहबगिरी के चर्चे तो हमेशा से ही रहे हैं, लेकिन अब इन चर्चो में लगाम लगने लगी है। इसकी वजह रेलवे बोर्ड का वह आदेश है, जिसमें एसी कमरों में बैठने वाले रेलवे के आला अधिकारियों को रात के वक्त ट्रेन के इंजन में सवार होकर निरीक्षण करने का निर्देश यिा गया है। इन दिनों जबलपुर रेल मंडल में अधिकारियों द्वारा ट्रेन से लेकर ट्रैक और स्टेशन का औचक निरीक्षण किया जा रहा है।

जबलपुर रेल मंडल के मुखिया डीआरएम संजय विश्वास ने खुद इसकी शुरूआत की है। इन दिनों वे मंडल के अधिकारियों को बिना बताए रात को निरीक्षण कर निकल रहे हैं। उन्होंने शनिवार रात को जबलपुर से कटनी और दमोह के बीच निरीक्षण किया। वे रात 11 बजे जबलपुर स्टेशन से मालगाड़ी के इंजन में सवार हुए और निरीक्षण करने निकल गए।

इस दौरान उन्होंने इंजन के ड्राइवर और सहायक ड्राइवर से बातचीत करने उनकी परेशानियों को जाना। वहीं जबलपुर, कटनी और दमोह के बीच आने वाले कई स्टेशन पर उतकर निरीक्षण भी किया। इस दौरान वे रेलवे ट्रैक पर भी कुछ दूर तक रात को पैदल चले और ट्रैक पर ड्यूटी दे रहे ट्रैकमैन, प्वाइंटमैन और गेटमैन से बातचीत की। अचानक मंडल के मुखिया को देख कर्मचारी चौक गए। हालांकि डीआरएम ने ड्यूटी के दौरान बरती गई ईमानदारी की सराहना की।

कई ड्यूटी से गायब भी मिले: डीआरएम रात तकरीबन दो बजे कटनी के मुडवारा स्टेशन पहुंचे। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात ट्रैकमैनों से रेलवे ट्रैक के बारे में चर्चा की। इस अवसर पर ड्यूटी निभा रहे रेलवे स्टाफ ने बताया कि वह रेलवे के कार्य को पूर्ण तन्मयता एवं लगन से रात में भी बिना किसी परेशानी के कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई रेल कर्मचारी ड्यूटी से नदारत भी मिले, जिसकी जानकारी तैयारी की जा रही है।

Posted By: Ravindra Suhane

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