जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। यात्री, ट्रेन में सफर के दौरान आरक्षित सीट तो किसी तरह ले लेता है, लेकिन जब बात खाने की आती है तो उसके तनाव बढ़ने लगता है। सफर में घर से खाना बनाकर ले जाने को ही ज्यादा तवज्यों देता है। दिक्कत उस समय होती है, जब सफर लंबा हो तो उसे मजबूरी में खाना स्टेशन या ट्रेन में खरीदकर ही खाना पड़ता है।

हकीकत यह है कि यात्रियों को रेलवे का खाना पसंद नहीं है, लेकिन मजबूरी में खाए हुए खाने की गुणवत्ता खराब हो पर उसकी शिकायत करने की प्रक्रिया ही पता नहीं है। यही वजह है कि उन्हें न चाहते हुए भी यह खाना चुपचाप खाकर किसी तरह अपना सफर पूरा करना पड़ता है। रेलवे ने खाने की शिकायत के लिए कई व्यवस्थाएं दी हैं, लेकिन इसकी जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने के लिए कोई निर्धारित व्यवस्था नहीं है।

शिकायत करना आसान, पर जानकारी का अभाव: रेलवे के खाने की शिकायत के लिए न सिर्फ जबलपुर रेल मंडल बल्कि जोन और रेलवे बोर्ड ने व्यवस्था बनाई है। रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा रेल मदद एप पर ऑनलाइन शिकायत की व्यवस्था है। वहीं इंटरनेट मीडिया जैसे रेलवे बोर्ड, जोन और मंडल के ट्वीटर एकाउंट पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। इसमें की गई शिकायत को रेलवे गंभीरता से लेकर तत्काल कार्रवाई करता है। मुश्किल यह है कि यह जानकारी यात्रियों तक पहुंचाने के लिए रेलवे के पास कोई बेहतर व्यवस्था नहीं है। वह सामान्य तौर पर ही यह जानकारी पहुंचाता है, जिससे कईयों को इसका पता ही नहीं होता।

29 गाड़ियों में खाने की सुविधा: वर्तमान में जबलपुर से गुजरने वाली लगभग 60 ट्रेनें हैं। इनमें 29 ट्रेनों में खाने की सुविधा दी जाती है। इनमें 12 ट्रेनों में पेंट्रीकार की सुविधा दी गई है। वहीं 16 ट्रेनों में ट्रेन साइड वेडिंग की सुविधा है। इसके अलावा एक ट्रेन में मिनी पेंट्रीकार है। सभी 29 ट्रेनों में सफर के दौरान ही यात्रियों को खाना मांगवाना होता है। 60 ट्रेनों में आईआरसीटीसी के ट्रैक ऑन फूड एप के माध्यम से खाना आर्डर किया जा सकता है।

ई कैटरिंग से ऐसे मांगवाए खाना:

पेंट्रीकार- अधिकांश ट्रेनों में एक पूरा कोच खाना बनाने के लिए होता है, इसमें तैनात वेंडर यात्रियों के पास आकर खाने का आर्डर लेता है। यहां मैन्यू कार्ड दिखाना होता है और खाने का बिल भी देना होता है।

मिनी पेंट्रीकार- इसमें खाना पहले से ही तैयार रहता है, यात्री को सिर्फ खाने का आर्डर देना होता है। इसमें कोई खराब होने पर यात्री ट्रेन के टीटीई या रेलवे के 139 नंबर पर शिकायत कर सकता है।

ट्रेन साइड वेंडिंग- इसमें ट्रेन के तय रूट पर ही यह सुविधा दी जाती है। खाना स्टेशन से लेकर वेंडर ट्रेन में चढ़ता है और बेचता है। सतना से इटारसी के बीच वर्तमान में यह सुविधा दी जा रही है।

दाम और शिकायत:

-स्टेशन पर दो तरह का खाना मिलता है एक पैक फूड और दूसरा कुकिंग फूड।

- पैक फूड में एमआरपी पर बेचना होता है, कुकिंग फूड के लिए रेट लिस्ट बनी है।

- रेलवे के खाने की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 139 और182 पर की जा सकती है।

- प्लेटफार्म पर डिप्टीएसएस के पास रखी शिकायत पुस्तिका में भी शिकायत दर्ज होती है।

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ट्रेन और स्टेशन पर यदि यात्रियों को खाने को लेकर किसी तरह की शिकायत है तो वे रेलवे के हेल्पलाइन नंबर 139 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा शिकायत पुस्तिका, ट्वीटर जैसे विकल्प भी हैं। हम सभी शिकायतों को गंभीरता से लेकर उन्हें तय समय में दूर करने का प्रयास करते हैं।

विश्वरंजन, सीनियर डीसीएम

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- ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को ई कैटरिंग की सविधा है। वे आईआरसीटीसी के फूड ऑन ट्रैक एप के माध्यम से अपना पीएनआर दर्ज कर खाने का आर्डर दे सकते हैं। उन्हें खाने से शिकायत है तो वे इसी एप में फीडबैक विकल्प पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

पिनाकिन मोरावाला, जनसंपर्क अधिकारी, आईआरसीटीसी, मुंबई

Posted By: Ravindra Suhane

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