जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे के खाना को सुधारने के लिए रेलवे और आईआरसीटीसी ने कवायद की, लेकिन इसका असर कम ही दिखाई दिया। पश्चिम मध्य रेलवे भी जबलपुर समेत भोपाल और कोटा, तीनों रेल मंडल में यात्रियों को परोसे जा रहे रेलवे खाने की गुणवत्ता सुधारने में जुटा है। इसके लिए खाने की गुणवत्ता की जांच से लेकर इन्हें परोसने वाले वेंडरों का सत्यापन किया जा रहा है। रेलवे की जांच में न सिर्फ खाने की गुणवत्ता में खराबी मिली है बल्कि वेंडरों के सत्यापन में भी गड़बड़ी सामने आई है।

दरअसल पमरे के तीनों मंडल द्वारा वेंडर के पुलिस और मेडिकल प्रमाण पत्र की जांच की जा रही है। जांच में यह बात सामने आई है कि कई वेंडर के एक आइकार्ड पर दो वेंडर अपनी फोटो लगाकर उनका उपयोग कर रहे हैं। सुबह के वक्त जो वेंडर कार्ड लगाकर काम करता है, वह शाम को उसी आइकार्ड में फोटो बदलकर दूसरा वेंडर स्टेशन पर सामान बेचता है।

स्टॉल संचालक करते हैं खेल- समझें: स्टेशन पर स्टॉल संचालक को दो से तीन शिफ्ट में 10 वेंडर रखने की अनुमति मिलती है। इनमें दो मैनेजर और शेष आठ वेंडर होते हैं। एक मैनेजर सुबह और दूसरा शाम की शिफ्ट में काम करना है, लेकिन सुबह के वक्त सात से आठ वेंडर स्टेशन पर खाना बेचते हैं और रात को भी इतने ही वेंडर काम करते हैं। सुबह जो वेंडर काम करता है, वह शाम को तो नहीं आता, लेकिन उसका क्यूआरकोड वाला आइकार्ड लेकर दूसरा वेंडर शाम को खाना बेचता है। वह सिर्फ आइकार्ड में अपनी फोटो लगाता है, शेष जानकारी सुबह आने वाले वेंडर की हाेती है। ऐसे में न तो यात्री उसे पकड़ पाता है और न ही जांच अधिकारी। कई बार यह सब कुछ जांच अधिकारी की जानकारी में भी होता है।

गड़बड़ी, सख्ती से जांच: जांच में यह बात सामने आने के बाद कमर्शियल विभाग ने वेंडरों के पुलिस और मेडिकल प्रमाण पत्र की सख्ती से जांच शुरू कर दी है। अब तक बन चुके वेंडरों के आइकार्ड की जांच के लिए सभी जांच अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि वे मोबाइल पर क्यूआर कोड की जांच करने एप रखे। इतना ही नहीं अब स्टेशन पर भी ऐसे संदेश जारी कराए जा रहे हैं, जिसे पढ़कर वेंडरों के आइकार्ड की जांच का तरीका याित्रयों को आसानी से पता चल जाएगा।

अभी तक यह:

जबलपुर मंडल- सभी मुख्य रेलवे स्टेशनों पर काम करने वाले वेंडरों का वैरीफिकेशन किया जा रहा है, अब तक 250 से ज्यादा वेंडरों का पंजीयन कर जांच की जा चुका है।

भोपाल मंडल- भोपाल समेत मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर काम करने वाले वेंडरों का नए सिरे से वैरीफिकेशन जारी है। तीन सौ से ज्यादा जांच की खामियों को समय रहते दूर कर रहे हैं।

कोटा मंडल- मंडल की सीमा में आने वाले कोटा समेत सभी स्टेशन पर ढाई सौ से ज्यादा वेंडरों का वैरीफिकेशन किया गया है। अभी भी यह काम चल रहा है।

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तीनों मंडल में वेंडरों का वैरीफिकेशन किया जा रहा है। इसमें पुलिस और मेडिकल प्रमाणपत्र की भी जांच हो रही है। जांच में जो भी खामियां हैं, उन्हें तत्काल दूर कर वेंडरों की काउंसलिंग की जा रही है।

राहुल जयपुरिया, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पश्चिम मध्य रेलवे,जबलपुर

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