जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के नतीजे अक्टूबर 2022 में जारी हो सकते हैं। जबलपुर स्मार्ट सिटी व नगर निगम के अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार जबलपुर टाप-10 में जगह बनाएगा। वहीं जानकारों की मानें तो स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग गत वर्ष की तुलना में सुधरेगी तो जरूर पर जबलपुर टाप-10 में जगह नहीं बना पाएगा। जबलपुर की रैंकिंग 11 से 15 के बीच रहने वाली है। नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में सुधार सहित अन्य मानकों को पूरा करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर तो लगाया था, लेकिन नालियों की सफाई, स्मार्ट सिटी द्वारा किए जा रहे भूमिगत सीवर लाइन, सड़क सहित अधोसंरचना से जुड़े काम अधूरे काम रैंकिंग में बट्टा लगा सकते हैं। वर्ष 2021 में स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में जबलपुर 20वें स्थान पर था, उसके पहले 17वां हासिल किया था।

अधूरे और बेढ़ंगे निर्माण कार्य से बदली है एबीडी एरिया की तस्वीर-

स्मार्ट सिटी द्वारा एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के तहत चुनिंदा एरिया में निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। जिसके चलते आधा शहर तहस-नहस कर दिया गया है। केंद्रीय स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम जब सर्वे करने पहुंची थी तब आधे शहर में धूल के गुबार उड़ रहे थे। सीवर लाइन का काम पूरा नहीं हो पाने के कारण जगह-जगह खोदे गए गड्ढे, बदहाल सड़कें ऊपर से मदन-महल फ्लाईओवर निर्माण के कारण शहर की तस्वीर बदली हुई थी। इसका असर रैंकिंग पर पड़ सकता है।

सफाई व्यवस्था में आया था सुधार-

वर्तमान में भले ही सफाई व्यवस्था पटरी से उतर गई है, लेकिन सर्वेक्षण के दौरान नगर निगम ने सफाई व्यवस्था में व्यापक स्तर पर सुधार किया था। नाले-नालियों को ग्रीन नेट से जहां ढंक दिया गया था वहीं सफाई कर्मियों से तीन शिफ्टों में काम लिया जा रहा था। अधिकारी भी सुबह से रात तक बारी-बारी से सफाई कार्यों की निगरानी कर रहे थे। कलेक्टर डा इलैयाराजा टी व निगमायुक्त आशीष वशिष्ठ भी सफाई कार्यों की निगरानी कर रहे थे। डाक्यूमेंटेशन, नागरिक फीडबैक सहित ओडीएफ प्लस-प्लस की प्रकिया भी पूरी की गई थी। लिहाजा ये माना जा रहा है कि स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में इस बार सुधार आने की उम्मीद है।

इसलिए सुधर सकती है रैंकिंग

- स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के लिए तय मानकों में सभी प्लांटों का उचित तरीके से संचालन तथा रखरखाव का शामिल किया गया था

-साथ साफ-सफाई, नाला-नालियों को 100 प्रतिशत कवर्ड करने पर जोर दिया गया था।

-गीले -सूखे कचरे का एकत्रीकरण, निष्पादन, जैविक खाद को भी शामिल किया गया था।

- जलसंरक्षण, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से गंदे पानी का उपचार पर जोर दिया था।

- खुले में शौच मुक्त के लिए ओडीएफ प्लस-प्लस का प्रमाण पत्र मिल चुका है।

तीन वर्षों से ऐसी है जबलपुर की रैंकिंग

वर्ष - रैंकिंग

2019- 25वें स्थान पर

2020 - 17वें स्थान पर

2021 - 20वें स्थान पर

स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के परिणाम घोषित होने वाले हैं। उम्मीद है इस बार जबलपुर टाप-10 में आएगा। स्वच्छता के सभी मानकों पर हमारा विशेष फोकस था।

-भूपेंद्र सिंह, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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