जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जानलेवा हमले में घायल किसान मुन्ना गोंड की मौत से बेलखेड़ा के मैली गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। शव का अंतिम संस्कार करने के लिए स्वजन ने आरोपितों को गिरफ्तार करने की शर्त रख दी। स्वजन ने कहा कि जब तक हमलावर नहीं पकड़े जाते शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद स्वजन माने। पुलिस ने उन्हें भरोसा दिया है कि आरोपितों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इधर, मेडिकल कालेज अस्पताल में पोस्टमार्टम उपरांत स्वजन शव को लेकर मैली पहुंचे। उसी स्थान पर शव का अंतिम संस्कार किया गया जहां खूनी खेल को अंजाम दिया गया था। इस दौरान कई थानों का पुलिस बल व अधिकारी मौजूद रहे। स्वजन ने बेलखेड़ा पुलिस पर आरोपितों को संरक्षण देने के आरोप लगाए। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर आरोपितों के खिलाफ हत्या की एफआइआर दर्ज की गई।

यह है मामला : जानकारी के मुताबिक मैली गांव निवासी मुन्ना गोंड 57 वर्ष की पांच एकड़ कृषि भूमि थी। जिस पर वह वर्षों से खेती कर रहा था। कुछ वर्ष पहले उक्त कृषि भूमि राजस्व रिकार्ड में शासन के खाते में दर्ज हो गई। अवसर का लाभ उठाकर गांव में एक दबंग परिवार ने उक्त जमीन पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। मुन्ना ने कोर्ट का सहारा लिया। सिविल कोर्ट पाटन ने शासन व अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध स्थगन आदेश दिया था। परंतु अवैध कब्जाधारी बलपूर्वक जमीन पर कब्जा करने आमादा रहे। विवादित भूमि पर उन्होंने फसलों की बुआई कर दी थी। 20 नवंबर को मुन्ना अपनी पत्नी रोहणी, बेटों बलराम व रामसिंह के साथ कृषि भूमि पर झोपड़ी बना रहा था। जहां एक खेत में फसलों के बीच छिपकर बैठे दबंगों ने घात लगाकर उन पर लाठी, डंडा, फरसा, तलवार से हमला कर दिया। हमले में छह पुरुष व तीन महिलाएं शामिल थीं। हमले में मुन्ना गोंड, उसकी पत्नी व बेटों को गंभीर चोट आई थी। सभी को मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक बेटे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। जबकि एक बेटा समेत मुन्ना व रोहणी मेडिकल में उपचाररत रहे। गुरुवार सुबह मुन्ना गोंड को मृत घोषित कर दिया गया।

तीन दिन पहले की थी शिकायत : बताया जाता है कि पांच एकड़ जमीन पर बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश में जुटे मैली गांव के हक्कू लोधी, पंचम लोधी, हल्ले लोधी, खिल्लू लोधी, तेजी, राघवेंद्र, दल्लू लोधी के खिलाफ मुन्ना गोंड ने 17 नवंबर को बेलखेड़ा थाने में शिकायत दी थी। बेलखेड़ा पुलिस ने शिकायत को नजरअंदाज कर दिया था। जिसके तीन दिन बाद 20 नवंबर को मुन्ना व उसके परिवार पर लोधी परिवार ने कातिलाना हमला कर दिया। मुन्ना के स्वजन ने बताया कि कातिलाना हमले के बावजूद बेलखेड़ा पुलिस ने लोधी परिवार के दबंगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की एफआइआर दर्ज नहीं थी। मुन्ना की मौत की सूचना मिलने के पहल सभी हमलावर गांव में खुलेआम घूम रहे थे।

Posted By: Brajesh Shukla

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