बरेला। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत एनएच-12 से कोसमघाट होते हुए 4 वर्ष पूर्व करोड़ों की लागत से लगभग 5 किलोमीटर लंबा मार्ग ग्राम बलहवारा तक बनाया गया है। वर्तमान में यह रोड गारंटी पीरियड में होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा मेंटेनेंस न करने के कारण दम तोड़ रही है। ठेकेदार द्वारा बारिश पूर्व रोड में सील कोट न किए जाने के कारण रोड में बड़ी-बड़ी नुकीली गिट्टीया स्पष्ट झांक रही हैं। रोड में अनेकों जगह गड्ढे हो गए हैं। रोड में डामर का नामोनिशान तक नहीं है।

5 किलोमीटर लंबे मार्ग में दोनों और नियमानुसार हार्ड मुरम की सोल्डर पट्टी बनाना आवश्यक है। ताकि बारिश के दौरान पानी रोड में न भरे और रोड की सुरक्षा बनी रहे, लेकिन ठेकेदार द्वारा सोल्डर पट्टी नहीं बनाई गई है।

मेंटेनेंस दर्शाने के लिए लगे हैं केवल बोर्ड

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में मेंटेनेंस के दौरान घास एवं झाड़ियों को काटना, रेन कटर बनाना, सोल्डर का संधारण, क्रेकहोल एवं के्रक भरना, सड़क किनारे नाले को संधारण, पुलियों की रंगाई-पुताई साल भर में एक या दो बार करना आवश्यक है। लेकिन यह सब केवल दर्शने वाले बोर्ड लगाकर विभाग अपनी इतिश्री कर रहा है, जबकि हकीकत में वास्तविकता से कोसों दूर है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों एवं ठेकेदार की मिलीभगत से रोड मे मेंटेनेंस की केवल खानापूर्ति की जा रही है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के उच्चाधिकारियों से कोसमघाट बलहवारा मार्ग का औचक निरीक्षण करने की मांग की है।

Posted By: Nai Dunia News Network