सिहोरा, नईदुनिया न्यूज। मझौली विकासखंड के ग्राम खलरी में इन दिनों तालाब का पानी जहरीला होने से तालाब में हजारों की तादाद पर मछलियां मर रही हैं। वही इस तालाब का पानी पीने से मवेशी भी अपनी जान गवां रहे हैं। मरी मछलियों की दुर्गंध से ग्रामीण हालाकान हैं।

सरपंच के माध्यम से बुधवार को 181 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई। गुरुवार को तालाब को देखने स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, मत्स्य विभाग और पीएचई के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तालाब में पानी के सैंपल लेने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सिहोरा के उपयंत्री चेतराम विश्वकर्मा और हेमचंद विश्वकर्मा भी गुरुवार को खलरी गांव पहुंचे और तालाब के पानी के नमूने लिए। नमूनों को जांच के लिए जबलपुर की लेबोरेटरी में भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने पर तालाब में इतनी मछलियों के मरने का वास्तविक कारण पता चल सकेगा।

मुंह पर कपड़ा रखकर निकल रहे राहगीर

4 दिनों से तालाब में हजारों की तादाद में मछलियां मर चुकी हैं। दुर्गंध आने पर प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की सूचना दी गई। रास्ते से निकलने वाले लोग मुंह पर रुमाल डालकर निकल रहे हैं। जिससे गांव वालों का घरों में रहना दूभर हो गया है।

तीन दिन बाद प्रशासन ने ली सुध और की फार्मेलिटी

तालाब की दुर्गंध से एक ओर पूरा खलरी गांव हालाकान है। लेकिन चार दिन किसी नहीं सुना। गुरुवार को मझौली तहसीलदार अनूप श्रीवास्तव के निर्देशन में टीम पहुंची और पंचायत भवन में बैठकर कार्रवाई कर वापस लौट गई। सरपंच राजेश पटेल को नायब तहसीलदार पूजा भोर हरि ने तालाब में चूने के छिड़काव और लोगों को तालाब के पानी के उपयोग से दूर रहने की हिदायत दी है।

12 एकड़ का मालगुजारी तालाब बना मुसीबत

मझौली तहसील के ग्राम खजरी में करीब 12 एकड़ में स्थित मालगुजारी तालाब गांव के मुख्य मार्ग से लगा है, जिसे गांव के ही बर्मन समाज के लोग सिंघाड़ा लगाने के लिए किराए से लेते हैं। गांव के सरपंच राजेश पटैल, जितेंद्र पटेल,आशीष पटेल,योगराज पटेल, घनश्याम पटेल, गिरधारी पटेल ने बताया कि तालाब की दुर्गंध के कारण घरों में रहना तक मुहाल हो चुका है। तालाब किनारे रोजमर्रा के व्यापार में लगे राजेंद्र बर्मन, सलिल पटेल, सोनू लखेरा, संतराम, पप्पू बिह्ला, केशव पटैल अपनी दुकानें बंद कर घरों पर बैठे हैं।

तालाब का पानी इतना जहरीला हो चुका है कि इसमें हजारों की तादाद में मरी मछलियां उतरा रही है। मवेशियों के पानी पीने से बुधवार को दो मवेशी मृत हो गए। मौके पर जांच करने पहुंची टीम ने पाया कि तालाब का पानी पीने के कारण मवेशी मरे हैं।

घटना की जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजी है। पीएचई ने सैंपल लिए हैं। जांच के बाद ही खुलासा हो सकेगा। अनूप श्रीवास्तव, तहसीलदार मझौली

पानी के नमूनों को जांच के लिए जबलपुर की लेबोरेटरी में भेजा गया है। रिपोर्ट के बाद ही तालाब में इतनी बड़ी संख्या में मछलियों के मरने का वास्तविक कारण पता चल सकेगा। चेतराम विश्वकर्मा, उपयंत्री पीएचई

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