गांधीग्राम। नईदुनिया न्यूज

राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के फोरलेन बनने के बाद हाइवे के किनारे आसपास स्थित विभिन्न गांवों के नाम बताने वाले बोर्ड अब राहगीरों को भ्रमित कर रहे हैं। इन पर लिखे गलत नाम व गलत दिशा में संकेतक के चलते वाहन चालक रास्ता भटक जाते हैं। वहीं गांवों के गलत नाम लिखने से ग्रामीणों में भी खासी नाराजगी है। संबंधितों ने गलत नाम के बोर्ड जगह-जगह लगा दिए हैं। इन बोर्ड पर लिखे नाम का उस स्थान के नाम से कोई वास्ता तक नहीं है।

जबलपुर सिहोरा सड़क मार्ग पर गांधीग्राम के आगे रामपुर गांव के पास लगाए गए बोर्ड में अंकित ग्राम के नाम में जुनवानी कला और खितौला लिखा हुआ है। जबकि जुनवानी कला लगभग चार ग्रामों के बाद लगभग 15 किलोमीटर आगे है। जुनवानी कला के पहले क्रमशः धरमपुरा, गोसलपुर, जुझारी, मुस्कुरा, घाटसिमरिया पड़ते हैं।

इसी प्रकार बोर्ड में गलत दिशा संकेतक सहित खितौला भी लिखा हुआ है। जबकि खितौला लगभग 17 किलोमीटर आगे है। खितौला के पहले क्रमशः टिकरिया,स्टेशन गोसलपुर मार्ग,खजरी मार्ग, मोहतरा हैं। धरमपुरा पहुंच रहे जुनवानी कला और खितौला जाने वाले बोर्ड के देखकर जुनवानी कला और खितौला को जाने वाले वाहन चालक व राहगीर ग्राम धरमपुरा जाकर वापस हो रहे हैं। यह परेशानी रात में और अधिक बढ़ जाती है। सही स्थान पर गांव के नाम के बोर्ड व सही दिशा के संकेतक लगाए जाने की मांग गांव वालों ने की है।