जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से नदी पुनर्जीवन का काम पूरे प्रदेश में अप्रैल 2019-20 में शुरू किया गया है। जबलपुर जिले से सिहोरा-मझौली को जोड़ने वाली कनाड़ी नदी को योजना के अंतर्गत लिया गया है। इस नदी के पुनर्जीवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग 127 करोड़ की कार्ययोजना तैयार की है। इतनी राशि से सिहोरा-मझौली की कनाड़ी नदी एक बार फिर बहेगी।

सिहोरा-मझौली में नदी पुनर्जीवन का काम मार्च में शुरू कर दिया गया है परंतु अभी तक सिर्फ 1 प्रतिशत ही कार्य किया गया है। इसको लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने नाराजगी दिखाई है। विभाग प्रमुखों ने जिला पंचायत के अमले को दिसंबर का समय देते हुए काम पूरा करने आदेश दिया है। इधर जिला पंचायत के अधिकारी इस बात को लेकर परेशान हैं कि इतना बड़ा प्रोजेक्ट इतने कम समय में कभी भी पूरा नहीं होगा। इसके पीछे अधिकारियों ने अनेक कारण गिनाए हैं, अधिकारियों का कहना है कि मनरेगा योजना से समय पर राशि नहीं मिलती है। इस वजह से लोग योजना में काम नहीं करना चाहते हैं। अधिकारियों की मानें तो 127 करोड़ के प्रोजेक्ट में फिलहाल 70 से 75 लाख रुपए ही खर्च हुए हैं।

ये लाभ होगा नदी पुनर्जीवन से लोगों को

- सालभर नदी में पानी रहेगा, इससे क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं होगी।

- किसानों के खेतों को भी पर्याप्त पानी मिलेगा

- सिहोरा-मझौली की कुल 31 पंचायतों में पानी की समस्या दूर हो जाएगी।

- नदी के पुनर्जीवन से आसपास जलस़्त्रोत में पानी रहेगा, कम खुदाई में पानी निकलेगा।

नदी को लेकर खास

- मार्च 2019-20 में डीपीआर बनाना शुरू हुआ, सर्वे हुआ, मई-जून में काम शुरू हुआ है।

- अभी तक 70 से 75 लाख रुपए का काम हुआ।

- दिसंबर तक पूरा करना है काम, लेकिन कई कठनाइयां हैं। शासन के पास राशि नहीं है इसलिए काम रुक जाता है।

- 31 पंचायतें हैं जिसमें 4 पंचायतें सिहोरा की और 27 पंचायतें मझौली की।

- नदी का नाम कनाड़ी बाह्यनाला, 22 हजार 280 हेक्टर में काम हो रहा है। 1 प्रतिशत ही काम हो पाया है।

Posted By: Nai Dunia News Network