जबलपुर। रेत खदानों के टेंडर होने से पहले ही रेत माफिया के बीच जंग छिड़ गई है। बुधवार को धरती कछार घाट में रेत निकासी के दौरान एक ट्रक को आग के हवाले कर दिया गया। लेकिन मामले में कोई पुलिसिया कार्रवाई और प्रशासनिक विभागों की तरफ से 24 घंटे बाद तक नहीं देखने मिली। दो साल के भीतर यह तीसरी घटना है, जिसमें ट्रक को आग लगा दी गई। वर्चस्व की लड़ाई के चलते रेत माफिया के बीच पिछले कुछ माह पहले मुठभेड़ हो चुकी है। लेकिन पुलिस विभाग, खनिज विभाग और जिला प्रशासन की तरफ से माफिया की रेत निकासी को रोक पाना मुश्किल बना हुआ है। इस घटना के बारे में भी विभागीय अफसर ज्यादा जानकारी देने से बच रहे हैं।

नाम तक नहीं बता पाते

- सूत्रों के मुताबिक कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा ही रेत निकासी की जा रही है। लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई देखने नहीं मिलती। इस मामले में थाना प्रभारी रविंद्र गौतम के मुताबिक ट्रक जलाने की शिकायत एसडीओपी के पास की गई है। इसलिए शिकायत के बारे में एसडीओपी के माध्यम से ही जानकारी मिलेगी। यह जवाब थाना प्रभारी द्वारा दिया गया।

- इधर खनिज विभाग के अधिकारी सत्येंद्र सिंह बघेल ने बताया कि उनके पास ट्रक जलाने संबंधी कोई सूचना नहीं पहुंची है। शहपुरा में रेत खनन की शिकायत मिलने पर गुरुवार को टीम जांच के लिए भेजी गई थी।

अतिसंवेदनशील घाट की निगरानी नहीं

- सबसे ज्यादा रेत निकासी की सूचना व धरपकड़ शहपुरा तहसील के नर्मदा नदी वाले घाट पर की जाती है। यहां के सभी घाट अतिसंवेदनशील बन चुके हैं। बावजूद इसके गैंगवार को रोकने में पुलिस और प्रशासन दोनों कामयाब नहीं हुए। खास बात यह है कि पुलिस विभाग मामले की शिकायत न होने का हवाला दे देता है, वहीं खनिज विभाग रोजाना कार्रवाई करने नहीं पहुंच पाता। जिसका फायदा खनन माफिया उठाते आया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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