जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

बेनीखेड़ा निवासी श्याम सुंदर (45) पर जब चार हमलावर लाठियां बरसा रहे थे, उस समय उसकी बहू सविता वहां पहुंच गई थी। जेठ पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसता देख सविता ने चीखना चिल्लाना शुरू किया तो दो हमलावर लाठी लेकर उसकी तरफ बढ़े लेकिन एक हमलावर के यह कहने पर कि महिला को मत मारो, चारों वहां से भाग गए। निजी अस्पताल में जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे श्याम सुंदर के स्वजन माढ़ोताल पुलिस को यह हकीकत बताकर हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे लेकिन पुलिस उन्हें तारीख पर तारीख देती रही। माढ़ोताल पुलिस के रवैए की जानकारी देकर श्याम सुंदर के स्वजन ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक अमित सिंह से कार्रवाई की मांग की।

स्वजन ने चार हमलावरों के नाम बताए-

सतपाल केवट ने बताया कि 13 फरवरी की रात उसके बड़े भाई श्याम सुंदर आगासौद स्थित खेत में सिंचाई के लिए पंप चालू करने गए थे। काफी देर तक घर नहीं लौटे तो बहू सविता अपने बेटे को लेकर खेत की तरफ चली गई। वह खेत के करीब पहुंची तो उसकी आंखों के सामने आगासौद निवासी सुरेश पटेल, गिल्लू उर्फ श्रीराम तिवारी, बिज्जू ठाकुर एक अज्ञात व्यक्ति समेत श्याम सुंदर को लाठियों से पीट रहे थे। सतपाल ने बताया कि हमलावर क्षेत्र में गुंडागर्दी करते हैं, लेकिन उनका नाम बताने पर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।

बोले एफआईआर हो गई, कल लेना कॉपी-

सतपाल ने बताया कि 14 फरवरी को श्याम सुंदर को निजी अस्पताल में भर्ती करने के बाद स्वजन माढ़ोताल थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पहले तो पुलिस ने एफआईआर के लिए तारीख पर तारीख दी। 16 फरवरी को उसकी बहू सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक थाने में बैठी रही उसके बाद एक उप निरीक्षक ने कहा कि एफआईआर हो चुकी है, कल आकर उसकी कॉपी ले लेना। अगले दिन कॉपी लेने पहुंचे तो जवाब मिला कि जब अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट आ जाएगी तब एफआईआर की कॉपी दी जाएगी। स्वजन कई दिन तक थाने के चक्कर लगाते रहे लेकिन एफआईआर की प्रति नहीं दी गई।

यह है मामला-

बेनीखेड़ा निवासी श्याम सुंदर को 13 फरवरी की रात डायल-100 के जवानों ने मरणासन्न अवस्था में उसके घर पहुंचाया था। स्वजन अगले दिन उसे मेडिकल ले गए जहां टूटे हाथ में प्लास्टर बांधकर उसे घर रवाना कर दिया गया। घर पहुंचते ही उसे खून की उल्टियां होने लगीं। स्वजन निजी अस्पताल ले गए, जहां उसे वेंटीलेटर पर रखना पड़ा। आरोप लगाए जा रहे हैं कि श्याम सुंदर के हमलावरों को बचाने के लिए माढ़ोताल पुलिस हमले को एक्सीडेंट का रूप देने पर तुल गई है।

Posted By: Nai Dunia News Network