जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जिले में स्थाई नजूल पट्टों की लीज अवधि 31 मार्च 1999 को समाप्त हो चुकी है। बावजूद इसके नजूल पट्टेधारियों ने नवीनीकरण नहीं कराया। अब कलेक्टर भरत यादव के निर्देश पर सभी एसडीएम को सख्त कार्रवाई के निर्देश मिले हैं। 20 वर्ष की अवधि बीत जाने के बाद भी जिन लोगों ने नवीनीकरण नहीं कराया है, ऐसे पट्टों की भूमि पर अब प्रशासन कब्जा वापस लेगा। सभी एसडीएम ने नोटिस भी देने प्रारंभ कर दिए हैं।

यहां शुरू कार्रवाई :

एसडीएम रांझी मनीषा वास्कले के मुताबिक तहसील रांझी के अंतर्गत स्थाई नजूल पट्टों के नवीनीकरण के लिए अभियान चलाकर कार्यवाही की जा रही है। फिर भी लीजधारियों द्वारा राजस्व अमले को चाहे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। मैदानी अमले से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार लगभग 50 प्रतिशत पट्टा धारकों के प्रकरण में फौती नामांतरण की कार्यवाही की जाना है। पट्टेधारियों को बार-बार समझाइश देने के बाद भी पट्टेधारियों द्वारा रुचि नहीं ली जा रही है। इससे नजूल पट्टों के नवीनीकरण में प्रगति नहीं हो पा रही है। स्थाई नजूल पट्टाधारकों द्वारा यदि एक सप्ताह में नवीनीकरण के लिए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते और नामांतरण नहीं कराया जाता है तो यह माना जाएगा कि भूखंड धारक को भूमि की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में आवंटित भूखंड पर शासन का आधिपत्य वापस ले लिया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network