गोसलपुर(नईदुनिया न्यूज)। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार टीवी के मरीज बढ़ रहे हैं। जिसकी रोकथाम के स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या विभाग को चुनौती दे रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर जहां पर लगभग सौ गांव के मरीज इलाज कराने आते हैं। स्वास्थ्य केंद्र में सिहोरा विधानसभा एवं मझौली विधानसभा के ग्रामीण इलाज कराने हेतु निर्भर है।

जब यहां से पिछले पांच साल के टीवी के मरीजों की संख्या के आंकड़े लिए गए तो प्रत्येक वर्ष बढ़ रहे मरीजों की संख्या के आंकड़े चौंकाने एवं स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डालने वाले हैं।

बीएमओ डॉ.दीपक गायकवाड़ ने बताया की टीवी की बीमारी का वायरस सबसे ज्यादा अंधेरे व नमी वाली जगह में पनपता है। इसका वायरस हवा में भी फैलता है। सार्वजनिक स्थानों में थूकने छींकने खासने से भी इसके संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। तीन हफ्तों तक लगातार खांसी आना, छाती में दर्द होना, वजन कम होना, शाम को बुखार आना, रात में पसीना आना यह सब टीवी की बीमारी के संभावित लक्षण है।

ये हैं स्थिति

वर्ष 2015 में 98 मरीज

वर्ष 2016 में 102 मरीज

वर्ष 2017 में 87 मरीज

वर्ष 2018 में 84 मरीज

वर्ष 2019 में 111 मरीज

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पहले की अपेक्षा वर्तमान में टीवी रोगियो की जांच एवं उपचार के लिए सुविधाएं संसाधन बढ़ गए हैं। ज्यादा से ज्यादा मरीजों को चिन्हित कर सैंपलिंग की जाती है। डायग्नोस्टिक सुविधाएं बढ़ गई हैं। टीवी मरीज को प्रतिमाह पांच सौ रुपये शासन द्वारा दिए जाते हैं। निजी अस्पतालों से भी टीवी के रोगियों को चिन्हित किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग 2025 तक लोगों को टीवी से मुक्ति दिलाने के लिए संकल्पित है।

डॉ. धीरज दबंडे, जिला क्षय रोग अधिकारी जबलपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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