जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि प्रभारी पद पर बने रहने के लिए दावा नहीं किया जा सकता। कभी भी दिया गया प्रभार आवश्यकता के अनुसार वापस लिया जा सकता है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की एकलपीठ ने इस टिप्पणी के साथ छतरपुर जिले में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी की याचिका निरस्त कर दी।

ईसानगर, जिला छतरपुर में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत डॉ. शैलेंद्र सिंह की ओर से याचिका दायर की गई। याचिका में कहा गया कि 27 जुलाई 2020 को उन्हें ईसानगर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद का प्रभार दिया गया था। 25 अगस्त 2020 को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं ने याचिकाकर्ता को दिया गया प्रभार वापस ले लिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनूप कुमार सक्सेना ने दलील दी कि प्रभार वापस लेने के पूर्व याचिकाकर्ता को सुनवाई का कोई अवसर तक नहीं दिया गया। राज्य सरकार की ओर से पैनल लॉयर उत्कर्ष अग्रवाल ने शासकीय आवश्यकता बताते हुए प्रभार वापस लेने को उचित ठहराया। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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