जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

विधि में पढ़ने दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की शुरुआत ही तकलीफ भरी हुई। प्रवेश के लिए विद्यार्थियों ने फीस का पैसा जमा किया, लेकिन जिस खाते में पैसा जमा हुआ वो विभाग का नहीं था बल्कि युनिवर्सिटी का निकला। इस छोटी गड़बड़ी ने विद्यार्थियों को हलकान कर दिया। कई दिनों तक विभाग और युनिवर्सिटी प्रशासन के बीच विद्यार्थी दौड़ते रहे कि उनका पैसा वापस विभाग को भेज दिया जाए। क्योंकि जब तक खाते में पैसा नहीं पहुंचता उनके दाखिले पर भी सस्पेंस बना रहता। बहरहाल लंबी जद्दोजहद के बाद प्रशासन और विभाग के बीच समन्वय बना और विद्यार्थियों को इस तनाव से मुक्ति मिली।

रानी दुर्गावती युनिवर्सिटी के विधि विभाग में बीएएलएलबी के विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। विद्यार्थियों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ। सूची में नाम आते ही विद्यार्थियों को प्रवेश शुल्क जमा करना होता है। विद्यार्थियों की मानें तो उन्हें विभाग में जो बैंक खाता नंबर दिया गया उसी में उन्होंने शुल्क जमा किया। ऐसा करीब 52 विद्यार्थियों ने किया। बाद में पता चला कि जिस खाते में विद्यार्थियों ने पैसा जमा कर दिया वो युनिवर्सिटी का सामान्य खाता है। जबकि विभाग के सेल्फ फाइनेंस खाते में राशि जमा होनी थी। विभाग ने विद्यार्थियों की गलती मानते हुए उन्हें प्रवेश देने से इंकार कर दिया। सभी से कहा गया कि युनिवर्सिटी प्रशासन से फीस जब तक उनके खाते में नहीं पहुंचेगी किसी का भी प्रवेश मान्य नहीं होगा। ये सुनते ही विद्यार्थी युनिवर्सिटी प्रशासन से निरंतर संपर्क में लगे रहे। फीस को वापस विभाग के खाते में डालने की मांग हुई। कई दिनों तक इस पर दौड़भाग हुई। अब जबकि प्रवेश का आखिरी समय है तब प्रशासन और विभाग के बीच समन्वय बना। इसके बाद विद्यार्थियों से विभाग लिखित आवेदन लेकर उनका प्रवेश मान्य कर रहा है।

सवाल ..तो गलती किसकी-

- प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को गलत खाता नंबर कहां से पता चला?

- विद्यार्थियों पर दवाब बनाने की बजाय प्रशासन और विभाग ने पहले ही समन्वय क्यों नहीं बनाया?

- विद्यार्थियों ने जब फीस युनिवर्सिटी के खाते में जमा कर दिया है तो उन्हें क्यों इतने वक्त तक भटकाया गया?

.....

बीएएलएलबी के विद्यार्थियों की मेरिट सूची में ही खाता नंबर और बैंक की पूरी डिटेल दर्ज थी। पता नहीं कैसे विद्यार्थियों ने युनिवर्सिटी के जनरल खाते में पैसा जमा कर दिया। अब कुलपति से इस संबंध में चर्चा हो चुकी है। उन्होंने पैसा वापस विभाग में देने का आश्वासन दिया है। विद्यार्थियों को भी प्रवेश में कोई समस्या नहीं हो रही है।

-प्रो.ममता राव, अध्यक्ष, विधि विभाग रादुविवि

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

 
Show More Tags