गोसलपुर(नईदुनिया न्यूज)। पुलिस थाना गोसलपुर से लेकर जुझारी तक सड़क किनारे रहने वाले लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। भले ही बाइपास सड़क का निर्माण हो गया है फिर भी बड़े वाहन बस्ती के अंदर से निकल रहे हैं। हाइवा यमदूत बन कर सड़क में दौड़ रहे हैं।

इन भारी वाहनों की आवाजाही के कारण लोगों के मन में हमेशा भय सताता रहता है। वहीं इन वाहनों के पीछे उड़ती धूल के गुबार ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। सड़क किनारे स्थित मकानों में रहने वाले परिवारों की स्थिति बद से बदतर हो गई है। घरों में धूल की मोटी-मोटी परतें जमा हो गईं हैं। गोसलपुर क्षेत्र के चारों ओर इस समय धूल ही धूल नजर आती है। इसका मुख्य कारण गोसलपुर के चारों तरफ संचालित खनिज व्यवसाय है। खदानें होने के कारण दिन रात हाइवा-डंपर बेलगाम गति से दौड़ते हैं। इन वाहनों में दिन रात ओवरलोड खनिज पदार्थ ढोया जाता है और स्थानीय पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बनकर देखता रहता है।

खिन्नी तिराहा बना एक्सीडेंट जोनः गोसलपुर के पास कछपुरा खिन्नी तिराहा एक्सीडेंट जोन बन गया है। यहां आए दिन एक्सीडेंट की घटनाएं घटित होती हैं। खिन्नी रोड पर खनिज प्लांट से खनिज लोड कर बड़े-बड़े ट्राला निकलते हैं। ट्राला होने के कारण खिन्नी तिराहा पर सही ढंग से मुड़ तक नहीं पाते। जिस कारण आए दिन जाम की स्थिति निर्मित होती है। आए दिन वाहन फंस रहे हैं। जिससे राहगीर परेशान होते हैं।

इस समस्या को लेकर पिछले माह स्थानीय रहवासियों ने प्रदर्शन भी किया था। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने शीघ्र समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक समस्या का निराकरण नहीं हुआ। क्षेत्रीयजन अरविंद सिंह ठाकुर, सुनील सिंह ठाकुर, सचिन विश्वकर्मा, दीपक प्रीतवानी, संतु राजभर, विष्णु पटेल, शंकरलाल पटेल ने बताया की खिन्नी तिराहा में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिससे घटनाएं हो रही हैं। वही लोगों का उड़ती धूल से सांस लेना मुश्किल हो गया है। समस्या का निराकरण नहीं होने से लोगों में आक्रोश पनप रहा है।

क्लीनर चला रहे हाइवाः क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि खनिज ढोने वाले वाहनों को ड्राइवर की जगह क्लीनर चलाते हैं, जो बस्ती के अंदर से बेलगाम गति से निकालते हैं। इस संबंध में लटोरी साहू, प्रमोद शुक्ला, राकेश रजक ने थाना प्रभारी गोसलपुर से ध्यान देने का आग्रह किया है।

खाद्य सामग्री में जम रही धूल

गोसलपुर कछपुरा जुझारी में सड़क किनारे फुटपाथ पर व्यापार करने वाले व्यापारी आलूबंडा, समोसा, चाट फुलकी का ठेला लगाकर अपना जीवनयापन करते हैं। व्यापरियों ने बताया कि हमारी होटलों में रखी खाद्य सामग्री पर धूल जम जाती है। जिससे नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं धूल के कारण दमा, सांस, त्वचा की एलर्जी जैसे रोग तेजी से फैल रहे हैं। पिछले दिनों गोसलपुर थाना में शांति समिति की बैठक के दौरान बस्तियों से निकलने वाले वाहनों पर रोक लगाने का मामला भी उठा था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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