जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर और खंडपीठ इंदौर व ग्वालियर में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये सीमित सुनवाई सोमवार, सात दिसंबर से 11 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है। वहीं 10 दिसंबर को एक दिवसीय भौतिक सुनवाई की व्यवस्था दी गई है।

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल राजेंद्र कुमार वानी ने उक्ताशय का परिपत्र जारी किया। जिसके जरिये साफ किया गया कि हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण प्रकृति के मामले वीसी के माध्यम से सुने जाएंगे। मामले दायर करने के लिए ऑनलाइन ई-फाइलिंग के साथ-साथ भौतिक फाइलिंग भी खुली रहेगी। अनुशासित वातावरण में स्वयं को कोरोना संक्रमण से बचाते हुए अदालत परिसर में आवागमन अनिवार्य होगा। मास्क, सैनिटाइजर व शारीरिक दूरी के सिद्घांत का उल्लंघन सख्ती से लिया जाएगा।

कोरोना संकट के बीच वैकल्पिक प्रणाली :

उल्लेखनीय है कि मार्च, 2020 में कोरोना लॉकडाउन की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये सीमित सुनवाई की व्यवस्था दी गई थी। यह व्यवस्था चरणबद्घ तरीके से आगे बढ़ाई जाती है। इसी प्रक्रिया में पिछले दिनों तीन दिसंबर को पहली एक दिवसीय भौतिक सुनवाई का प्रावधान किया गया। इसका दूसरा चरण 10 दिसंबर को निर्धारित किया गया है। इसके जरिये फाइनल हियरिंग वाले मामले सुनवाई के लिए लगाए जाते हैं। साथ ही कोविड-19 गाइडलाइन का पालन अनिवार्य होता है। कोर्ट रूम में सिर्फ आधा दर्जन की संख्या में प्रवेश की अनुमति मिलती है। प्रवेश द्वार पर कड़ी सुरक्षा रहती है। अधिवक्ताओं का नाम पुकारा जाता है। सूची के अनुसार प्रवेश सुनिश्चित होता है। न्यायाधीश की डायस के सामने पन्नी के जरिये सुरक्षा-दीवार बनाई जाती है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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