जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश के जरिये सहायक शिक्षक को सीएम राइज स्कूल में ही पदस्थ रखने की व्यवस्था दी है। इसी के साथ राज्य शासन, लोकक शिक्षण आयुक्त सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब कर लिया गया। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता रीवा निवासी सहायक शिक्षक रजनीश कुमार शुक्ला की ओर से अधिवक्ता राजकुमार त्रिपाठी ने पक्ष रखा।

उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता लंबे समय से गर्वमेंट एक्सीलेंस हायर सेकेंडरी स्कूल, मऊ रीवा में पदस्थ रहा है। वर्तमान में इस स्कूल को सीएम राइज स्कूल के रूप में परिवर्तित कर दिया गया है। इसी के साथ सीएम राइज स्कूल में पदस्थापना संबंधी परीक्षा आयोजित की गई। किसी कारणवश याचिकाकर्ता इसमें शामिल नहीं हो सका। लिहाजा, अब अन्य स्कूल में स्थानांतरण कराने का दबाव बनाया जा रहा है। आदेश निकाल दिया गया है कि सात अगस्त तक हर हाल में अपनी पसंद के स्कूल का चयन करके जानकारी दें। ऐसा इसलिए ताकि सीएम राइज स्कूल से वहां स्थानांतरित किया जा सके।

इस आशय का आदेश 27 जुलाई को लोक शिक्षण आयुक्त ने निकाला था। जिसमें साफ किया गया था कि सभी 255 सीएम राइज स्कूल के रूप में परिवर्तित स्कूलों के जिन शिक्षकों ने सीएम राइज परीक्षा नहीं दी है, ने दूसरे स्कूलों में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे। इसके लिए वे अपनी पसंद के बारे में निर्धारित तिथि तक आवश्यक रूप से सूचित कर दें। आपत्ति का बिंदु यह है कि नव नियुक्त शिक्षकों को जिनके पास सीएम राइज स्कूल में पदस्थ रहने के लिए निर्धारित पांच वर्ष के अध्यापकीय अनुभव का अभाव है, वे वहीं पदस्थ रखे जा रहे हैं। जबकि याचिकाकर्ता सहित अन्य पांच वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले शिक्षकों को बाहर भेजने की तैयारी कर ली गई है। चूंकि यह रवैया भेदभावपूर्ण है, अत: याचिका दायर की गई है।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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