जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जबलपुर जिले में राजस्व से जुड़े प्रकरणों के समाधान के लिए इन दिनों जिला प्रशासन द्वारा त्रुटि शुद्धिकरण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में जबलपुर और उससे लगी तहसीलों के सभी 10 तहसीलदारों को इनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए हैं, बावजूद इसके प्रकरणों के समाधान की रफ्तार अभी भी स्वस्थ बनी हुई है।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने दो दिन पहले ही जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर प्रकरणों के समाधान की रफ्तार और उन्हें तय समय पर ऑनलाइन अपडेट करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी स्पष्ट कहा था कि काम की सुस्त रफ्तार कि दोषी अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा बावजूद अभी भी शहर के 3 तहसील इन पकड़ो के समाधान में सबसे पीछे हैं, इनमें गोरखपुर, मझौली, शाहपुरा शामिल है ।

जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन ने सभी क्षेत्रों से शिविर के माध्यम से आवेदन मंगवाए थे । आवेदनों में राजस्व से जुड़े सभी प्रकरण जैसे नामांतरण,खसरा , बही आदि मामलों में होने वाली त्रुटियों को सुधारा जाना है । इसके लिए 1 नवंबर से सभी 10 जिलों में अभियान चलाकर प्रकरणों का समाधान किया जा रहा है। सभी तहसीलदारों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह पूरे अमले के साथ इन आवेदनों का समय पर समाधान कर लोगों को राहत दे, लेकिन अभी तक प्राप्त आवेदनों के समाधान का आंकड़ा तय लक्ष्य नहीं छुपा रहा 10 तहसीलों में तत्वों के समाधान के लिए जारी की गई लिस्ट में तीन तहसील सबसे फिसड्डी हैं जिसको लेकर आला अधिकारी खासे नाराज हैं।

पनागर तहसील अव्वल: आवेदनों का समाधान करने में पनागर तहसील इस समय सभी तहसीलों में नंबर वन पर बनी हुई है। तहसील में आने वाले आवेदनों में लगभग 80 फीसदी से ज्यादा आवेदनों का समाधान हो चुका है । वही अंतिम तीन पायदान रहने वाले तीनों तहसीलों के आंकड़े अभी भी 50 के ऊपर नहीं पहुंच पाए हैं।

Posted By: Ravindra Suhane

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