जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रेलवे ने यात्रियों के लिए रेलवे स्टेशन में बैठने से लेकर खाने-पीने और अाराम करने की सुविधा दी। इन सुविधा को 12 से 24 घंटे दिया तो ट्रेन में यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। इसके बेहतर परिणाम सामने आने के बाद रेलवे ने इसका प्रयोग अपने मालगोदामों में किया। यहां पर 12 और 16 घंटे दी जाने वाली सुविधाओं को 24 घंटे कर दिया गया है। इसका फायदा व्यापारी से लेकर माल लोड-अनलोड़ का काम करने वालों काे हो रहा है। पमरे ने जबलपुर समेत भोपाल और कोटा मंडल के 30 मालगोदाम में यह प्रयोग किया, जिसके अब सफर परिणाम मिल रहा है। वहीं अब तीनों मंडल की सीमा से गुजरने वाली और रेलवे साइडिंग में आने वाली मालगाडियों की संख्या भी बढ़ गई है।

62 मालगोदाम में 24 घंटे सुविधाएं-

पश्चिम मध्य रेलवे के 62 मालगोदामों के तीनों मंडलों में जबलपुर के 18 मालगोदाम हैं तो वहीं भोपाल में 9 और कोटा में 3 मालगोदाम है। यहां पर अब चौबीस घंटे रेलवे ने सुविधाएं और सेवा देना शुरू कर दिया है। वहीं इनके अलावा जबलपुर में 11, भोपाल में 9 और कोटा में 12 मालगोदामों में अब 12 से 16 घंटे सेवाएं बढ़ा दी हैं। यहां पर अब सुबह 6 बजे से रात 22 बजे तक सेवाएं देना शुरू कर दिया है। इसका असर यह हुआ है कि एक महिने में औसत 587 रैकों से माल का परिवहन किया जा रहा है।

जबलपुर मंडल के इनमें मिल रही सुविधा

जबलपुर मंडल की सीमा में आने वाले पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, कछपुरा, गोसलपुर, डुंडी, मेहगांव, ननवारा, मैहर, सतना, कैमा, रीवा, ब्यौहारी, सागर, दमोह एवं गजरा बहरा आदि माल गोदामों में चौबीस घंटे माल लोड़-अनलोड़ करने की सेवा दी जा रही है। बरगवां रेल कोल साइडिंग एवं गोंडावाली कोल साइडिंग में भी चौबीस घण्टे सेवाएं उपलब्ध है।

बढ़ाई सुविधा तो मिले फायदे

- रेलवे ने माल यातायात में लोडिंग-अनलोडिंग रैक की संख्या बढ़ाई।

- लोडिंग एवं अनलोडिंग के समय में भी कमी आई।

- मालगाडि़यों की रफ्तार बढ़ी और संख्या में भी इजाफा हुआ

- व्यापारियों को सड़क की बजाए रेलवे से माल ले जाना फायदेमंद लगा।

Posted By: Mukesh Vishwakarma

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