जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि।

भगवान विष्णु के निद्रा से जागते ही शुभ कार्य शुरू हो गए और घर-घर में पूजन-अर्चन किया गया। वहीं मंदिरों में दिनभर पूजन-अर्चन का क्रम चला। रात में भगवान का विशेष रूप से ब्याह रचाया गया। जिसमें भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह कर पैर पखारे गए। हालांकि कोरोना के कारण इस बार सार्वजनिक आयोजन कम हुए। ज्यादातर लोगों ने मंदिर में पूजन किया। इसके साथ ही चार माह बाद शादियां भी शुरू हो गईं।

समन्वय सेवा केंद्र में किया पूजन:

आदि शंकराचार्य चौक स्थित समन्वय सेवा केंद्र में अमृतेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि एवं स्वामी परिपूर्णानंद गिरि के सानिध्य में तुलसी-शालिग्राम विवाह किया गया। पूजन के प्रमुख यजमान आश्रम के सेवक कमलसिंह कुशवाहा एवं हेमवती कुशवाहा रहे। पूजन सुबोध दुबे ने कराया। इस अवसर पर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि शुभ योग में पर्व और उत्सवों का निर्माण हमारी भारतीय संस्कृति और संस्कारों की विशेषता है।

तुलसी विवाह के साथ लोक कल्याण के द्वार खुले:

शालिग्राम-तुलसी विवाह के साथ ही लोक कल्याण से जुड़े मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। हमारी परंपरा रही है कि जो भी मंगलकारी कार्य करें, सबसे पहले भगवान का सुमिरन करें। हमें मांगलिक कार्य करने का द्वार तुलसी-शालिग्राम विवाह से ही प्रारंभ हो जाते हैं। नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज में उक्त आशय के उद्गार जगतगुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज ने तुलसी विवाह के शुभ अवसर पर व्यक्त किए। इसके पूर्व भगवान शालिग्राम-तुलसी की झांकी का पूजन-अर्चन किया गया। तत्पश्चात वेदोच्चारण के साथ तुलसी विवाह किया गया। इस अवसर पर महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद महाराज, संयोजक डॉ. स्वामी नरसिंहदास महाराज, स्वामी रामचरणदास, सनातन धर्म महासभा के अध्यक्ष श्याम साहनी, लालमणि मिश्रा, रामजी पुजारी, डॉ. आनंद, डॉ. दिनेश, डॉ. पुष्पेन्द्र गुप्ता, प्रवेश खेड़ा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

मक्रवाहिनी मंदिर में की महाआरती:

देवउठनी एकादशी के उपलक्ष्य पर सार्वजनिक दुर्गा मंदिर पांडे चौक तथा मक्रवाहिनी माता मंदिर में महिलाओं के द्वारा महाआरती की गई। कार्यक्रम में अध्यक्ष जागृति शुक्ला ने श्रद्धालुओं एवं राहगीरों को खीर का वितरण भी किया गया । इस कार्यक्रम में साईं आनंद जनकल्याण समिति की अध्यक्ष जागृति शुक्ला, कोहिना शुक्ला, स्वाति दीक्षित, कल्पना, सरोज, सुनीता, मोना, स्वीटी, मंजू, सीमा पचौरी, कल्पना तिवारी, शकुंतला केसरवानी, कामोक्षा आदि उपस्थित रहीं।

नर्मदा ध्वज का किया पूजन:

नर्मदा पंचकोसी परिक्रमा की सफलता हेतु बुधवार को बगलामुखी मंदिर सिविक सेंटर में ब्रह्मचारी चैतन्यानंद महाराज के सानिध्य में प्रकाश तिवारी द्वारा 621 स्थानों से आए नर्मदा ध्वज का पूजन अर्चन किया। इस वर्ष इस 30 नवंबर को नर्मदा पंचकोषी परिक्रमा निकाली जाएगी। इस अवसर पर सुधीर अग्रवाल, शिवशंकर पटेल, मनमोहन दुबे सहित अन्य उपस्थित रहे।

Posted By: Brajesh Shukla

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