जबलपुर। Madhya Pradesh वर्ल्ड बैंक ने सरकारी कॉलेजों का हुलिया बदलने मेहरबानी दिखा दी है। अब दशकों पुराने छोटे-छोटे क्लासरूम में सिकुड़कर बैठना नहीं पड़ेगा। प्रयोगशाला के लिए कमरे नहीं तलाशने पड़ेंगे। अगले दो साल में बड़ी-बड़ी इमारतें कॉलेजों में खड़ी होगी। ये सब होगा 809 करोड़ रुपए से, जो प्रदेश के 200 कॉलेजों को आवंटित हुए हैं। जबलपुर जिले के 7 कॉलेजों को 38 करोड़ रुपए जारी हुए हैं। जबलपुर के शासकीय पनागर कॉलेज में पहले कला संकाय संचालित होता था, जहां गिनती के कमरे थे। शासन ने यहां कॉमर्स और विज्ञान विषय भी प्रारंभ कर दिया। पहले 200-300 विद्यार्थी प्रवेश लेते थे। अब एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी हैं। कक्षा लगाने के लिए कमरे नहीं हैं। प्रयोगशाला बन ही नहीं पा रही है। सिर्फ किताबी ज्ञान विद्यार्थियों को मुश्किल से मिल पा रहा है। ऐसे में कॉलेज को 3.44 करोड़ रुपए भवन निर्माण के लिए मिला है। इसमें क्लासरूम और प्रयोगशाला बन पाएगी।

शासकीय महाकोशल कॉलेज अग्रणी है। यहां एक हजार विद्यार्थियों की क्षमता के हिसाब से कक्षाएं हैं। प्रवेश 3400 से ज्यादा विद्यार्थियों का हो चुका है। कक्षाओं के लिए क्लास नहीं है। अब 10.61 करोड़ रुपए से दो बड़ी इमारत बनेंगी। इसमें करीब 10 हजार विद्यार्थियों को पढ़ाने की क्षमता होगी।

-होमसाइंस कॉलेज में छात्राओं की कक्षाएं कम पड़ रही है। प्रवेश अधिक होने के कारण कमरे कम पड़ने लगे हैं। अब 8.06 करोड़ रुपए से नया भवन निर्माण और जीर्णोद्घार किया जाएगा।

- मानकुंवर बाई कॉलेज में भी कक्षाओं की समस्या बनी हुई है। इसके लिए 2.84 करोड़ रुपए जारी हुए हैं।

- सिहोरा के शासकीय श्यामसुंदर अग्रवाल कॉलेज को पुरानी इमारत को जीर्णोद्घार के लिए 2.01 करोड़ रुपए जारी हुए हैं।

हाउसिंग बोर्ड करेगा निर्माण

उच्च शिक्षा विभाग ने निर्माण का सारा कार्य मप्र गृह निर्माण सोसायटी के माध्यम से करवाने का निर्णय किया है। कार्य का आवंटन भी विभाग की तरफ से किया गया है। जून 2021 तक किसी भी हाल में निर्माण कार्य को पूरा करने की जवाबदारी तय की गई है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता तय करने के लिए आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग के स्तर पर कमेटी का गठन होगा जो समय-समय पर निरीक्षण करेगी।

किस संभाग को कितना पैसा

ग्वालियर- 124.61

जबलपुर- 130.62

रीवा -77.88

सागर- 86.87

इंदौर- 113.24

उज्जैन- 65.94

भोपाल-145.95

भोपाल सिटी-65

(राशि-करोड़ में)

महाकोशल कॉलेज को जिले में सबसे ज्यादा राशि मिली है। प्रदेश में पहल नंबर पर इंदौर के बाद जबलपुर के कॉलेजों को राशि जारी हुई है। इससे निर्माण कार्य जल्द पूरे हो पाएंगे। डॉ.एस सैम्युअल, प्राचार्य, शासकीय महाकोशल कॉलेज

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket