जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्ति से 9 माह पूर्व किए गए तबादले पर रोक लगा दी। साथ ही मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग को 15 दिन के भीतर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करने के निर्देश जारी कर दिए।

न्यायमूर्ति नंदिता दुबे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता जल संसाधन परियोजना, सीहोर में पदस्थ सत्यनारायण शर्मा की ओर से अधिवक्ता भूपेन्द्र कुमार शुक्ला ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि नई स्थानांतरण नीति-2019-20 के तहत ऐसे कर्मचारी जिनकी सेवानिवृत्ति में एक वर्ष या उससे कम अवधि शेष रह गई है, उन्हें स्थानांतरित नहीं किया जाएगा।

विकल्प के रूप में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का प्रावधान भी रखा गया है। इसके बावजूद याचिकाकर्ता, जिसकी सेवानिवृत्ति में महज 9 माह की अल्पावधि शेष रह गई है, उसे सीहोर से भोपाल गंगा वेतबा कछार स्थानांतरित कर दिया गया है। इस वजह से उसका पूरा परिवार परेशान है।

यदि स्थानांतरण आदेश का पालन किया गया तो बच्चों की पढ़ाई में व्यवधान सहित अन्य समस्याएं झेलनी पड़ेंगी। हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर गौर करने के बाद तबादला आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग को 15 दिन के भीतर याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का निराकरण करने के निर्देश जारी कर दिए।