जबलपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। Madhya Pradesh News प्रदेश में सीएए लागू न करने की मुख्यमंत्री कमलनाथ की घोषणा को चुनौती देने वाली जनहित याचिका हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। याचिका में मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस्तीफे की मांग भी की गई है। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एके मित्तल व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की खंड पीठ की सुनवाई 29 जनवरी को करेगी।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश में सीएए लागू न करने को लेकर 25 दिसंबर को बयान दिया था। इसी बयान को चुनौती देते हुए अखिल भारतीय मलयाली संघ के अध्यक्ष अधिवक्ता सोमन के मेनन समेत 4 संस्थाओं ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में मुख्यमंत्री का बयान गैरजिम्मेदाराना और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ बताया गया है। कहा गया कि राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद उक्त कानून को देश भर में लागू किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 10 जनवरी 2020 को कानून लागू करने का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया जिसके बाद राज्य को इसमें हस्तक्षेप का अधिकार नहीं है। अधिवक्ता आशा तिवारी के अनुसार याचिका में यह भी मांग की गई कि बयान को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद से त्यागपत्र दें। इसके अलावा प्रदेश में सीएए लागू करने मुख्य सचिव से अंडरटेकिंग लेने के लिए भी कहा जाए।

प्राथमिक सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिका की कुछ तकनीकी कमियां दूर करने के निर्देश के साथ याचिका स्वीकार कर ली। इस मामले में सरकार की ओर से कहा कि सीएए को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं हैं विचाराधीन, 22 फरवरी को सभी मामलों में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

Posted By: Hemant Upadhyay

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