नीरज उपाध्याय, जबलपुर। Madhya Pradesh News 'ढूंढ़ लेना अंधेरों में मंजिल अपनी, जुगनू कभी रोशनी के मोहताज नहीं होेते। एक कवि की यह पंक्तियां शिक्षिका सुधा उपाध्याय पर सही साबित हो रही हैं। उन्होंने अंधेरों में जुगनू बनकर गरीब और उनके बच्चों के चेहरों पर खुशी लाने का काम किया। विगत 13 सालों से सुधा उपाध्याय ऐसे परिवारों के लिए कार्य कर रही हैं जोकि समाज की विकासधारा से कोसों दूर हैं।

ऐसे बच्चों को शिक्षा दिलाई जिनके पास दो वक्त की रोटी का जुगाड़ तक नहीं था। शिक्षक होते हुए सुधा सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य साल 2006 से करती आ रही हैं। सामाजिक कार्य में उनका साथ उनके पति अशोक उपाध्याय, बेटा आशुतोष उपाध्याय और बिटिया ईशा उपाध्याय दे रहे हैं।

बाल विवाह, भ्रूण हत्या को रोकने कदम उठाए

सुधा ने बाल विवाह और भ्रूण हत्या को रोकने कदम उठाए। इस क्षेत्र में 50 परिवारों को इसकी बुराईयों के बारे में बताया। ये परिवार कहीं न कहीं इसमें लिप्त थे सुधा उपाध्याय ने उन्हें जागरूक किया।

हजारों विद्यार्थियों को भेज चुकी हैं स्कूल :

सुधा उपाध्याय ऐसे बच्चों पर ज्यादा ध्यान देती हैं जोकि स्कूल नहीं जाना चाहते। ऐसे बच्चों को प्रेरित कर उन्होंने उन्हें स्कूल भेजा। सुधा उपाध्याय का कहना है कि वे इन बच्चों को वे गणवेश, कॉपी-किताब और अन्य वस्तुएं भी उपलब्ध कराती हैं।

छत्तीसगढ़ी भाषा में लिख दी रामचरित मानस

सामाजिक सरोकार के साथ-साथ सुधा उपाध्याय का धार्मिक और अध्यात्म पर भी खासा लगाव है। सुधा उपाध्याय ने छत्तीसगढ़ी भाषा में रामचरित मानस का लेखन किया है। सुधा ने स्वयं के खर्चे से बालकांड को टाइप करा लिया है शेष कांड छपवाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र व्यवहार किया है।

विशेष सम्मान एवं उपलब्धियां

- लोक शिक्षण सत्र 2005-06 में संस्कृत विषय का परिणाम अच्छा आने पर सम्मानित किया।

-साल 2011 में जिलास्तरीय शिक्षक सम्मान

- छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क शिक्षा देने पर साल 2013 में नगर पालिका द्वारा सम्मान।

- 2014 में इंटरनेशनल समरसता यूनिटी में गोल्ड मेडल नई दिल्ली में प्राप्त हुआ।

- 2015 में ग्लोबल टीचर रोल मॉडल अवार्ड से सम्मानित

-मनुष्यबल विकास लोक सेवा अकादमी 2016 में नई दिल्ली में ज्वेल ऑफ इंडिया प्रतिभा सम्मान

- 2016 में नई दिल्ली में महिला शक्ति शिरोेमणि स्वर्ण पदक अवार्ड

- इंडो-नेपाल समरसता आर्गनाइजेशन द्वारा साल 2016 में सम्मानित किया गया।

- शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में अवार्ड मिला।

- साल 2018 में अंतरराष्ट्रीय समरसता मंच के द्वारा नेपाल के प्रथम उपराष्ट्रपति द्वारा कर्मरत्न अवार्ड दिया गया।

- साहित्य के क्षेत्र में अहम योगदान देने पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 5 जून 2019 को सम्मनित किया गया।

- इसके साथ ही उनके विषयों पर 35 ऐसे और पुरस्कार-अवार्ड सुधा उपाध्याय को जिला-प्रदेश स्तर पर प्राप्त हुए हैं।

Posted By: Hemant Upadhyay

fantasy cricket
fantasy cricket