जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मेडिकल यूनिवर्सिटी, जबलपुर में अंकों की हेराफेरी का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मामले को गंभीरता से लेकर नोटिस जारी कर दिए हैं। अधिवक्ता आदित्य संघी मामले में पैरवी कर रहे हैं। उन्होंने अवगत कराया कि मेडिकल यूनिवर्सिटी में माइंड लाॅजिस्टिक कंपनी को परीक्षा का ठेका दिया गया। इस निजी कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता का अभाव है। इस वजह से मेडिकल छात्र परेशान हैं। अंक उस हिसाब से नहीं दिए गए, जिस हिसाब से परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र हल किया गया। इसीलिए असंतुष्ट वर्ग हाई कोर्ट चला आया।

याचिका के जरिये सभी गलतियों को रेखांकित किया गया है। बहस के दौरान हाई कोर्ट को जानकारी दी गई कि परीक्षा में अनियमितताओं की भरमार रही है। उत्तर पुस्तिकाओं की जांच संदेह के दायरे में है। इस तरह एक और व्यापम घोटाले जैसे हालात बन गए हैं। मेडिकल यूनिवसर्टी आंतरिक राजनीतिक कलह की भी शिकार हैं। यहां अधिकारी एक-दूसरे की टांग खींचने में मशगूल हैं। इस वजह से जिस मंशा से यह विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया था, वह पूरी नहीं हो पा रही है। आलम यह है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से संबद्धता के दौर में जो कमियां और घोटाले सामने आते थे, लगभग वैसा ही हाल इन दिनों मेडिकल विश्वविद्यालय में भी देखने को मिल रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से इस सिलसिले में अपनी बात मजबूती के साथ रखी गई है। उसने जितनी मेहनत से परीक्षा की तैयारी की उसके मुकाबले रिजल्ट खराब आया। इससे वह निराश हो गया है। लेकिन हिम्मत नहीं हारी और न्याय की आस लगाए बैठा है।

Posted By: Ravindra Suhane

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags