जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शासन की ओर से स्कूली बच्चों को राशन दुकानों से खड़ी मूंग का वितरण किए जाने की योजना तैयार की गई थी। योजना के अनुरूप खड़ी-मूूंग की खेप राशन दुकानों में महीनों पहले पहुंच भी चुकी है, लेकिन उसका वितरण अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। मूंग का वितरण क्यों हो नहीं हो पा रहा है इस बारे में किसी के पास संतोषजनक जवाब नहीं है। दलहनों को बहुत दिन रखना खतरे से खाली नहीं होता, इसलिए राशन दुकानों महीनों से पड़ी मूंग पर भी संकट के बादल छा रहे हैं।

प्रदेश में छोटे स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार देने के उद्देश्य से खड़ी मूंग दाल के वितरण की योजना सरकार ने बनाई थी। इस योजना के तहत पिछले महीने 24 अप्रैल को सीएम शिवराज सिंह चौहान को इस योजना का शुभारंभ किया जाना था। इस योजना के शुरू हाेने में सीएम की विशेष रूचि रही, इसलिए करीब दो महीने पहले ही जिले सहित प्रदेश की सभी राशन दुकानों में अरबों रुपये की उच्च गुणवत्ता वाली खड़ी मूंग का भंडारण कर लिया गया। योजना के तहत प्राथमिक स्तर के प्रत्येक बच्चों को 10 किलो और माध्यमिक के बच्चों को 15 किलो खड़ी मूंग दी जानी है। प्रत्येक राशन दुकान में टनों मूंग पड़ी हुई है। दलहनों में कीड़ों का प्रकोप तेजी से होता हे, इसलिए अगर यह मूंग कुछ दिन और ऐसे ही पड़ी रही तो इसके खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा।

यह योजना सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले मडिल स्तर तक के प्रत्येक बच्चे के लिए है, इसके लिए बीपीएल पैमाना नहीं है। इसलिए जो बच्चे बीपीएल परिवारों से नहीं हैं, उनके लिए संबंधित स्कूलों के हेडमास्टर टोकन जारी करेंगे, जिसके आधार पर बच्चे अपने घर की नजदीकी राशन दुकान से मूंग ले सकेेंगे।

अब तक तारीख तय नहीं

मूंग का वितरण कब तक शुरू हो पाएगा इस बारे में न तो फूड के जिम्मेदार कुछ कह पा रहे हैं और न ही शिक्षा विभाग के। क्योंकि यह अभियान मुख्यमंत्री की विशेष अभिरूचि वाला है, इसलिए सभी जिम्मेदार इसके लिए शासन के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं।

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सभी प्रायमरी और मिडिल स्कूलों को बच्चों के नाम पर कूपन जारी करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। मूंग भी राशन दुकानों में पहुंच चुकी है। जैसे ही शासन से मार्गदर्शन प्राप्त होगा बच्चों को टोकन देकर मूंग वितरण शुरू हो जाएगा।

-डा. आरपी चतुर्वेदी-डीपीसी

Posted By: Shivpratap Singh

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