जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। शहर भर में हजारों नई संपत्तियां खोज ली गई हैं। जो नगर निगम के रिकार्ड में दर्ज नहीं है। नगर निगम का राजस्व अमला भी नई संपत्तियों की नापजोख कर संपदा शाखा के रिकार्ड में दर्ज करने की बजाए सिर्फ टैक्स वसूली पर ही ज्यादा जोर दे रहा है। रोजाना 25 से 30 संपत्तियां ही दर्ज की जा रही हैं। जबकि करदाता जल्द से जल्द निगम के रिकार्ड में संपत्तियां दर्ज कराना चाह रहे हैं। लेकिन निगम का राजस्व अमला राजस्व वसूली का टारगेट पूरा करने के लिए सिर्फ उन बकायदारों से वसूली कर रहा है जो हर साल खुद ही टैक्स जमा कर रहे हैं।

14 लाख से ज्यादा आबादी, दर्ज 2 लाख 70 हजार संपत्तियां: जबलपुर शहर की आबादी 14 लाख से भी ज्यादा हो गई है। लेकिन नगर निगम के रिकार्ड में महज दो लाख 70 हजार संपत्तियां ही दर्ज हो पाई है। जबकि शहर में निगम ने करीब 30 हजार नई सपंत्ति खोज ली है। इसमें से अभी तक तकरीबन साढ़े छह हजार संपत्तियां ही दर्ज हो सकी हैं।

किराएदारी एरिया का भी यही हाल: यही हाल किरायेदारी एरिया का भी है। नगर निगम शहर में बढ़े हुए किरायेदारी एरिया को दर्ज कर आ आवासीय शुल्क वसूल रहा है। लेकिन संपत्तियों की तरह किरायेदारी एरिया में की गई बढोत्तरी को रिकार्ड में दर्ज करने में देरी की जा रही है। रोजाना 260 से 270 एरिया दर्ज किया जा रहा है।

करदाता लगा रहे चक्कर: जिन करदाताओं ने विगत वर्षों में संपत्तियां बढ़ा ली है वह निर्धारित शुल्क ,टैक्स जमा कर नगर निगम के रिकार्ड में नई संपत्तियां दर्ज कराना चाह रहे है । निगम मुख्यालय से लेकर संबधित जोन करलीनके चक्कर लगा रहे है।

Posted By: Ravindra Suhane

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