जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। जिले के कुंडम स्थित तिलसानी कैप स्टोरेज में रखा छह हजार क्विंटल से अधिक गेहूं और धान देख रेख के अभाव में सड़ गया। सड़े गेहूं और धान की गंध जिम्मेदार अफसरों तक पहुंचा भी दी गई है, लेकिन अफसर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। बर्बाद हुए धान और गेहूं की अनुमानित कीमत सवा करोड़ के आस-पास बताई जा रही है।

जिले में भंडारण की क्षमता बढ़ाने के लिए कैप स्टोरेज उपयोग में ला जा रहे हैं। इन कैप स्टोरेजों की समय-समय पर जांच किए जाने का प्रविधान है। सरकारी रिकार्डों में अफसर जांच के लिए पहुंचते भी हैं, लेकिन इसके बावजूद कुंडम के कैप स्टोरेज जैसी खामियां सामने आ जाती हैं। बताया जाता है कि कुंडम में छह हजार क्विंटल से ज्यादा गेहूं और धान सड़ गया है। इस खाद्यान्न को कैप स्टोरेज में रखा गया था। यह कैप स्टोरेज वेयर हाउसिंग एंड लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन का था। तिलसानी कैप स्टोरेज की देख-रेख करने वाले मनीष पटैल ने बताया कि यह गेहूं और धान 2019 और 2020 में यहां रखा गया था। इसके सड़ने की जानकारी भी जिम्मेदार अफसरों को दी जा चुकी है। बताया जाता है कि अफसरों को जानकारी दिए जाने के बावजूद उनकी ओर से इस खामी को देखने-समझने का कष्ट नहीं उठाया जा सका।

सरकार का पैसा पानी बर्बाद

कैप स्टोरेज में रखे गेहूं और धान की अनुमानित कीमत सवा करोड़ के आस-पास बताई जाती है। इस राशि का भुगतान भी किसानों को किया जा चुका है। इसके बाद स्टोरेज की देख-रेख और समय-समय पर निगरानी का जिम्मा वेयरहाउसिंग एंड लाजिस्टिक्स कार्पोरेशन का होता है। लेकिन इस मामले में जिम्मेदारों ने किसी प्रकार की संवेदनशीलता नहीं दिखाई।

इनका कहना है

मेरे पास इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। आपने विषय संज्ञान में लाया है, तो मामले की पूरी जानकारी हासिल करके ही कुछ कह पाऊंगा। -सखाराम निमोदा, जिला प्रबंधक, वेयर हाउससिंग कार्पोरेशन

Posted By: Jitendra Richhariya

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close