जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें 100 के स्थान पर 80 अंक का पेपर हल करना होगा। इसके अलावा विद्यार्थी को 33 की जगह 27 अंक पास होने के लिए अनिवार्य किए गए हैं। हालांकि विभाग की यह व्यवस्था पिछले साल की है परंतु प्रचार-प्रसार नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया था, लेकिन इस बार मंडल कोई गलती नहीं करना चाहता है इसके लिए प्राचार्यों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

10वीं कक्षा : अब हर विषय में प्रैक्टिकल

पहले 10वीं के सिर्फ विज्ञान के लिए छात्र प्रैक्टिकल परीक्षा देते थे। यह 25 अंकों की होती थी, लेकिन अब हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान के लिए भी प्रैक्टिकल होगा। विज्ञान समेत ये सभी परीक्षाएं 20 अंकों की होंगी। यानी विज्ञान की मुख्य परीक्षा 75 की जगह अब 80 अंकों की होगी।

12वीं कक्षा : अब कॉमर्स में भी प्रैक्टिकल

इधर, 12वीं कक्षा में भी विज्ञान, कला और गृह विज्ञान विषयों में छात्रों को 75 की जगह 70 अंकों की मुख्य परीक्षा देनी होगी। जबकि प्रैक्टिकल परीक्षा 25 की जगह 30 अंकों की कर दी गई है। इसके अलावा कॉमर्स में भी प्रैक्टिकल की परीक्षा होगी। हालांकि कॉमर्स के छात्रों को 80 की मुख्य परीक्षा और 20 अंकों का प्रैक्टिकल देना होगा।

दो अलग-अलग परीक्षाएं होंगी

बताया जा रहा है कि सीबीएसई समेत अन्य कई बोर्ड की तरह ही एमपी बोर्ड में भी थ्योरी और प्रैक्टिकल दो अलग-अलग परीक्षाएं होंगी। 80 अंकों का थ्योरी पेपर और 20 अंकों का प्रैक्टिकल लिया जाएगा। यह बदलाव 2019 की बोर्ड परीक्षा से ही लागू किया गया था, लेकिन इसका सही से प्रचार-प्रसार नहीं हो सका था, इस कारण छात्र नए पैटर्न का लाभ नहीं ले पाए थे। इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने गंभीरता दिखाई है और इसके तहत सभी स्कूल प्राचार्यों को नई योजना के संबंध में प्रशिक्षण देकर जानकारी दी गई है।

यह व्यवस्था पिछले साल ही लागू कर दी गई थी परंतु प्रचार-प्रसार के कारण विद्यार्थी इसका लाभ नहीं ले पाए थे। इस बार प्राचार्यों को इसका प्रशिक्षण देते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। -इब्राहिम नंद, संभागीय अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा मंडल

Posted By: Prashant Pandey