जबलपुर। मध्य प्रदेश शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के जरिए भाजपा विधायक प्रहलाद लोधी को हाई कोर्ट से मिले स्टे को चुनौती की तैयारी कर ली है। संभवत: एक या दो दिन में एसएलपी दायर करने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी। मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता शशांक शेखर ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 7 नवंबर को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पन्ना जिले की पवई विधानसभा सीट से भाजपा के निर्वाचित विधायक प्रहलाद लोधी के हक में अंतरिम स्थगनादेश पारित किया। इसके जरिए भोपाल की विशेष अदालत द्वारा सुनाई गई 2 साल की सजा पर रोक के साथ 7 जनवरी तक जमानत पर रिहाई की व्यवस्था दे दी गई। इससे पूर्व मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष ने 2 साल की सजा के मद्देनजर भाजपा विधायक लोधी की विधानसभा से सदस्यता समाप्त करने का निर्णय ले लिया था।

उल्लेखनीय है कि भाजपा विधायक लोधी पर अपने साथियों के साथ मिलकर तहसीलदार से मारपीट का आरोप लगा था। इसी मामले में भोपाल की विशेष अदालत ने धारा-353 व 332 के तहत दोषसिद्ध पाकर सजा सुनाई। इस दंडादेश के खिलाफ लोधी ने हाई कोर्ट में अपील दायर कर दी।

साथ ही अंतरिम आवेदन के जरिए प्रथमदृष्ट्या सजा पर रोक की राहत चाही गई। लोधी की ओर से हाई कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता रविनंदन सिंह व पूर्व महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव ने बहस की।

हाई कोर्ट ने बहस पूरी होने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित किया। इसे सार्वजनिक करते हुए लोधी की सजा पर अंतरिम रोक लगा दी। इसी अंतरिम रोक को राज्य शासन सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रहा है। फिलहाल, सभी संबंधित दस्तावेज अनुवाद करने सहित अन्य प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

Posted By: Sandeep Chourey