जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि गैैस पीड़ित कैंसर मरीजों का एम्स में निश्शुल्क इलाज किया जाए। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की है।

भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि भोपाल गैस पीड़ितों के लिए भोपाल मेमोरियल हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में इलाज का अभाव है। बीएमएचआरसी में डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ संसाधनों की भी कमी है। मामले में मानिटरिंग कमेटी की ओर से 17 वीं रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में कहा गया कि बीएमएचआरसी में कैंसर के इलाज की सुविधा नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह ने बताया कि बीएमएचआरसी में डाक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने गैस पीड़ित कैंसर मरीजों का एम्स भोपाल में निश्शुल्क इलाज करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ और अधिवक्ता राजेश चंद ने पक्ष प्रस्तुत किया।

हाई कोर्ट ने किसी अन्य को दुकान आवंटित करने पर लगाई रोक : मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने नरसिंहपुर जिला पंचायत मैदान के काम्पलेक्स में दुकान क्रमांक बी-वन को किसी अन्य को आवंटित करने पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने राज्य शासन, जिला पंचायत नरसिंहपुर और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया है।

नरसिंहपुर निवासी संस्कार मिश्रा की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि जिला पंचायत नरसिंहपुर द्वारा 98 दुकानों के लिए निविदा निकाली गई थी। याचिकाकर्ता को दुकान क्रमांक बी-1 निविदा के जरिए मिली। याचिकाकर्ता ने चार जनवरी, 2021 को दुकान की पूरी राशि का भुगतान कर दिया। जिला पंचायत ने एक जनवरी, 2021 को दुकान का आवंटन निरस्त कर दिया। अधिवक्ता आनंद चावला की दलीलें सुनने के बाद एकल पीठ ने दुकान क्रमांक बी-वन को किसी अन्य को आवंटित करने पर रोक लगा दी है।

Posted By: Brajesh Shukla

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