जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। एमपी स्टेट बार कौंसिल द्वारा मृत्यु दावा राशि नियम संशोधित किए जाने का असर आसन्न हाई कोर्ट व जिला बार चुनाव पर पड़ेगा। इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। एक दिन पूर्व इस सिलसिले में ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। वकीलों का बड़ा वर्ग मृत्यु दावा को लेकर नियम को जटिल किए जाने का विरोध शुरू कर दिया है। हालांकि स्टेट बार के पदाधिकारी साफ कर रहे हैं कि जैसा सोचा जा रहा है, वैसा नहीं है। मृत्यु दावा के आवेदन संवेदनशीलता से जैसे पहले निराकृत होते आए हैं, वैसे ही भविष्य में भी होते रहेंगे। लेकिन वकील सुनने को राजी नहीं हैं।

उनका कहना है कि बदला नियम फिर से पूर्ववत किया जाए। ऐसा न होने पर आंदोलन किया जाएगा। वकील अपने हक के लिए हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट व बीसीआइ तक जाएंगे। इस तरह मनमानी नहीं चलने देंगे। सरकार को बाध्य करेंगे कि वह गलती सुधारे। जिला बार के पूर्व सचिव मनीष मिश्रा ने साफ किया है कि वे उमेश पांडे, संपूर्ण तिवारी व संजय वर्मा सहित अन्य के साथ मिलकर कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। को-चेयरमैन मनीष तिवारी को इस सिलसिले में विश्वास में लिया जा चुका है। लिहाजा, वकील चिंता न करें। अधिकार दिलवा कर दम लेंगे। वकील समुदाय के हितों की रक्षा बार के नेताओं का प्रथम कर्त्तव्य है। इसके लिए शीघ्र एक संयुक्त बैठक आहूत की जाएगी। हाई कोर्ट बार अध्यक्ष रमन पटेल व पूर्व अध्यक्ष आदर्शमुनि त्रिवेदी से संपर्क साधकर रणनीति बनाई जा रही है। विधिवत प्रस्ताव भी तैयार कराया जा रहा है।

Posted By: Ravindra Suhane

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