जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। एमपी स्टेट बार कौंसिल ने पहले कर्मचारियों को नये वर्ष पर महंगाई भत्ते की सौगात दी थी और अब पंजीयन की सौगात से नवाजा है। इससे नये वकीलो व कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ गई। एमपी स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन शैलेंद्र वर्मा ने नये वर्ष में 500 नये अधिवक्ताओं को पंजीकृत किया। साथ ही पांच नामांकन बहाल किए। कार्यकारी सचिव मुईन खान ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से आवेदन अाये थे। जिन पर विचार करने के बाद साल के अंतिम दिन वकालत के लिए पंजीयन की सौगात दी गई। साथ ही पांच ऐसे वकीलों को पुन: वकालत के क्षेत्र में सक्रिय होने का अवसर दिया, जिनकी सनद निलंबित थी। बीते वर्ष स्टेट बार ने 6165 नये अधिवक्ताओं को नामांकित किया।

चेक बाउंस मामले में एक साल का सश्रम कारावास, साढ़े पांच लाख क्षतिपूर्ति के निर्देश : प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी एसएस जमरा की अदालत ने चेक बाउंस मामले में दोष सिद्ध होने पर आइजीआइजीएस रियलिटी एंड कंस्ट्रक्शन प्रायवेट लिमिटेड के संचालक जबलपुर निवासी विपिन तिवारी को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही साढ़े पांच लाख रुपये क्षतिपूर्ति के निर्देश जारी किए गए। राशि भुगतान न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास होगा। आवेदक किशोर तलरेजा की ओर से अधिवक्ता हितेश नाग्देव ने पक्ष रखा। आरोपित ने आवेदक को चेक दिए थे। जिन्हें जमा करने पर खाते में समुचित राशि न होने के कारण बाउंस हो गये। लिहाजा, लीगल नोटिस भेजा गया। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसीलिए अदालत में केस दायर करना पड़ा। मामला भूखंड क्रय-विक्रय से संबंधित है। इसी सिलसिले में रुपये दिए गए थे। जिनकी अदायगी के लिए जारी चेक बाउंस हो गये।

Posted By: Ravindra Suhane

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