जबलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सिहोरा-मंझौली रोड पर गुरुवार को ढ़ाई घंटे तक चकाजाम लगा रहा। इसकी वजह रहस्यमय तरीके से गुमशुदा की संदिग्ध हालत में मौत थी। थाना प्रभारी के लिखित आश्वासन के बाद प्रदर्शन थमा और यातायात सुचारू हुआ। दरअसल, जो युवक पिछले दिनों रहस्यम तरीके से गायब हाे गया था, उसका क्षत-विक्षत शव गुरुवार को पेड़ से लटका मिला। यह देखते ही आक्रोशित स्वजनों ने सिहोरा-मंझौली रोड पर प्रदर्शन कर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान स्थिति नियंत्रित करने कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्वजनों व प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि युवक का अपहरण कर हत्या की गई है। सिहोरा थाना प्रभारी ने प्रदर्शनकारियों को लिखित आश्वासन दिया कि आठ दिन के भीतर जांच पूरी कर आरोपितों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई की जाएगी। तब तक चकाजाम को ढ़ाई घंटे बीत चुके थे। जनता काफी परेशान हो चुकी थी। 23 को हुआ था लापताग्राम पौड़ा निवासी महेंद्र पटेल (32) 23 नवम्बर को संदिग्ध हालात में लापता हो गया था। स्वजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन जब पता नही चला, तो वे 25 नवम्बर को सिहोरा थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने गुम इंसान का प्रकरण कायम किया। पुलिस व स्वजन महेन्द्र को तलाश रहे थे, इस दौरान उसका शव आश्रम तिराहे के पास एक पेड पर लटका मिला। शव क्षत विक्षत हो चुका था। अपहरण का आरोप लगाते हुए किया प्रदर्शन : महेन्द्र की मौत की जानकारी लगते ही पत्नी सपना पटेल सहित स्वजन व क्षेत्रीय लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप लगाया कि महेन्द्र का अपहरण करने के बाद हत्या की गई। नाराज ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे सिहोरा-मंझौली रोड पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की गई। इसके चलते दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतार लग गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।

धोखे से ले ली थी बही : सपना ने आरोप लगाया कि सिहोरा के ही दो सगे भाईयों ने महेन्द्र को झांसे में लिया और किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की बात कहते हुए उससे दो एकड़ जमीन की बही ले ली थी। महेन्द्र बार-बार बही मांग रहा था, लेकिन वे बही नहीं दे रहे थे।

बही दिलाई, लिखित में आश्वासन : पुलिस ने दोनों भाईयों को बुलाया और उनसे बही लेकर परिजनों को। इसके बावजूद स्वजन और प्रदर्शनकारी मानने तैयार नहीं थे। तब सिहोरा थाना प्रभारी गिरीश धुर्वे ने कागज पर लिखकर दिया कि आठ दिन के भीतर पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसी कागज में सिहोरा एसडीओपी भावना मरावी ने भी हस्ताक्षर किए, तब जाकर दोपहर लगभग ढ़ाई बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ।

इनका कहना है

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। स्वजनों व प्रदर्शनकारियाें को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।-गिरीश धुर्वे, टीआइ, सिहोरा

Posted By: Jitendra Richhariya

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