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जबलपुर। नईदुनिया रिपोर्टर

ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम यानी जेईई मेन की परीक्षा में डिफिकल्टी लेवल इस साल से बढ़ जाएगा। ऐसे में विषयों का गहन अध्ययन न करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर रैंक लाना कठिन तो होगा ही, साथ ही एनआईटी में भी प्रवेश लेना उसके लिए मुश्किलों भरा हो जाएगा।

समस्यामूलक सवाल शामिल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेन की परीक्षा पद्धति में बदलाव कर परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की टेंशन भी बढ़ा दी है। इसके तहत जेईई मेन में एडवांस की तर्ज पर गणित, रसायन और भौतिकी में 5-5 समस्यामूलक प्रश्न पूछे जाएंगे। विशेषज्ञों के अनुसार नया पैटर्न आने के बाद परीक्षार्थियों को अब नए सिरे से तैयारी करनी होगी। क्योंकि अब तक जेईई मेन में केवल ऑब्जेक्टिव टाइप सवाल पूछे जाते थे, जिसमें चार ऑप्शन होते थे और एक को चुनना होता था। सही उतर के लिए चार अंक और गलत उतर के लिए एक अंक कटता था। भौतिकी, रसायन और गणित तीनों में 30-30 सवाल होते थे। हर सवाल चार अंक का होता है। इस तरह तीन घंटे में 120 ऑब्जेक्टिव सवाल के जवाब देने होते थे।

तीनों विषयों से 25-25 सवाल

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस साल से जेईई मेन पेपर में वैकल्पिक के अलावा समस्यामूलक प्रश्नों को शामिल कर लिया है। अब तीनों विषयों में 25-25 सवाल ही होंगे, जिसमें 20 वैकल्पिक और 5 समस्यामूलक होंगे। इस तरह पेपर में 15 सवाल होंगे, जिसका उत्तर 0 से लेकर 9 के बीच होगा। इससे जेईई मेन अब कठिन हो जाएगा। विशेषज्ञों कहते हैं कि परीक्षा में अब उत्तर देते वक्त तुक्काबाजी नहीं चल सकेगी। गौरतलब है कि जेईई मेन परीक्षा के आधार पर देशभर के एनआईटी, ट्रिपलआईटी और अन्य सरकारी सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है।