सुरेंद्र दुबे, जबलपुर। Osho Festival शहर के जिन आचार्य रजनीश ने 19 जनवरी 1990 को पूना कम्यून में इस संसार से महाप्रयाण किया था। उनके दैहिक रूप से अलविदा होने के 29 साल बाद उनकी कर्मभूमि संस्कारधानी चहुंओर ओशोमय हो चुकी है। जबलपुर के तमाम ओशोप्रेमी अपने सद्गुरु के प्रति इस तरह का सकारात्मक वातावरण बनते देख खासे उत्साहित हैं, उनके आनंद का ठिकाना नहीं है। आलम यह है कि जहां एक तरफ मध्यप्रदेश शासन के अध्यात्म विभाग ने विश्व इतिहास में पहली बार ओशो को राजकीय सम्मान देते हुए 11 से 13 दिसंबर तक त्रिदिवसीय 'ओशो महोत्सव' प्रायोजित किया है। दूसरी ओर जिस महाकोशल कॉलेज में आचार्य रजनीश अध्यापन कराते थे, वहां के भूतपूर्व छात्र संगठन ने ओशो की याद में 11 दिसंबर को शानदार आयोजन की तैयारी पूर्ण कर ली है।

11 दिसंबर को स्वामी आनंद विजय व अनादि अनंत के मार्गदर्शन में ओशो संन्यास अमृतधाम, देवताल व संबोधि स्थली भंवरताल में मौलश्री के वृक्ष तले परंपरागत ओशो-उत्सव तो प्रतिवर्षानुसार होगा ही, साथ में ओशो के जबलपुर से सर्वाधिक दो दशक की अवधि तक रहे जुड़ाव को रेखांकित करने के लिए 14 दिसंबर को स्वामी ध्यान मैत्रेय डॉ. प्रशांत कौरव के निर्देशन में 'ओशो ट्रेल' भी आयोजित की जाएगी। ओशो ट्रेल में ओशो ट्री, ओशो रॉक, ओशो हॉल, ओशो चेयर सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का दर्शन लाभ होगा। यही नहीं 12 दिसंबर को रंग संस्था विमर्श के तत्वावधान में 'रजनीश राजा चंद्रमोहन' शीर्षक नाटक भी मंचित किया जाएगा, जो ओशो पर केन्द्रित दुनिया का अब तक का पहला नाटक है, इसके लेखक स्वामी देव सिद्घार्थ व निर्देशक समरसेन गुप्त हैं। ओशो का किरदार विकी तिवारी अभिनीत करेंगे।

एल्यूमिनाई एसोसिएशन के मोनो में ओशो

शासकीय महाकोशल कला व वाणिज्य स्वशासी महाविद्यालय एल्यूमिनाई एसोसिएशन ने अपने मोनो में 'श्रद्धावान लभते ज्ञानम' ध्येयवाक्य वाले महाविद्यालयीन मोनो के साथ ओशो की रेखांकित छवि को स्थान देकर अपनी श्रद्धा निवेदित की है। एड. डॉ. प्रशांत मिश्रा ने बताया कि 11 दिसंबर को ओशो जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में सायं 7 बजे से पूर्व छात्र मिलन व ओशो महोत्सव का आयोजन होगा। इस दौरान सेवानिवृत्त आचार्यगण को शिक्षक गौरव सम्मान व भूतपूर्व सर्वश्रेष्ठ छात्रों को छात्र गौरव सम्मान से अलंकृत किया जाएगा।

ध्यानों की गहराई में डूबने का सुनहरा अवसर

तरंग प्रेक्षागृह में तीन दिन सुबह 6 से रात्रि 10 तक 'उत्सव आमार जाति-आनंत आमार गोत्र' का स्वर गूंजेगा। ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन, पुणे की मां अमृत साधना ओशो साहित्य की जानकारी के साथ ही 'हसीबा खेलिबा धरिबा ध्यानम', नृत्य ध्यान व शारीरिक ऊर्जा का आनंद, हास्य ध्यान और सम्मोहन का अनुभव, ओशो प्रणीत ध्यान प्रयोग अस्तित्व की लहर के साथ कुंडलनी ध्यान की गहराई में डुबो देंगी। वहीं ओशो अनहद कम्यून, भोपाल की मां प्रेम पूर्णिमा, ओशो संन्यास अमृतधाम, देवताल जबलपुर के स्वामी अनादि अनंत व ओशो अनहद कम्यून, भोपाल की मां प्रेम गतिता क्रमशः चक्रा साउंड, सक्रिय ध्यान व नो डायमेंशन ध्यान के प्रयोग कराएंगे।

सुभाष घई लेकर आ रहे ओशो फिल्म फेस्टिवल

- 11 दिसंबर को इंटरनेशनल ड्रमर शिव मणि निःशब्द संगीत के जरिए सांस्कृतिक निशा को रंगीन बना देंगे। देश के नामचीन कवि सुरेंद्र शर्मा, अरुण जैमिनी, आशकरण अटल, सीता सागर व प्रवीण शुक्ला 'हास्यमेव जयते' का ओशो-संदेश साकार करेंगे।

- - हिंदी सिने संसार के ग्रेट शोमेन सुभाष घई 12 दिसंबर को ओशो फिल्म फेस्टिवल के साथ इंद्रधनुषी नजारे पेश करेंगे तो वहीं दूसरी ओर रेखा भारद्वाज का सूफी गायन रूह तक उतर जाएगा।

- 13 दिसंबर को नृत्यांगना नीलांगी कलंत्रे कथक की मनमोहन प्रस्तुति देंगी। लंदन से आ रहे कृष्ण वेदांत ओशो देशना पर व्याख्यान देंगे। महाधिवक्ता शशांक शेखर मैं धर्म सिखाता हूं, धार्मिकता नहीं, इस विषय पर संबोधित करेंगे।

Posted By: Nai Dunia News Network

fantasy cricket
fantasy cricket