जबलपुर। रादुविवि के हिंदी एवं भाषा विज्ञान विभाग में संस्कृत भारती जाबालिपुरम के संयोजन में दस दिवसीय संभाषण शिविर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में संस्कृत भारती के प्रांताध्यक्ष आचार्य राधिका मिश्र ने भारतीय संस्कृति की परंपरा को बनाए रखने के लिए संस्कृत को पढ़ना, जानना आवश्यक है। मुख्य अतिथि संस्कृत विभाग के अध्यक्ष आचार्य कमलनयन शुक्ल ने जयतु संस्कृतं, जयतु भारतं की घोषणा करते हुए कहा कि संस्कृत भाषा की जरूरत, जिसे नासा ने भी सिद्ध किया है, उसे हमें समझना चाहिए। कार्यक्रम में संस्कृत भारती के संगठन मंत्री डॉ. जागेश्वर पटले ने संस्कृत पाठन-पाठन की आवश्यकता को रेखांकित किया। संस्कृत शिक्षक के रूप में शक्ति शुक्ला ने सरल अंदाज में संस्कृत सिखाने का प्रयास किया। इस प्रशिक्षण शिविर में डॉ. साधना जनसारी, डॉ. तरुणा राठौर, डॉ. अनुपमा ब्योहार, स्वाति, राजुल अग्रवाल, योगार्चाय शंकर, नीलम दुबे, विपुला सिंह, राखी चतुर्वेदी, दीपांशु आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.आशा रानी ने किया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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