जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। रीवा के सिरमौर टोंस की इकाई में आए फाल्ट की जांच मप्र पावर जनरेशन कंपनी ने शुरू करवा दी है। टोंस 105 मेगावाट की तीन नंबर इकाई में यह खराबी आई थी। चार सदस्यी जांच दल पिछले दो दिन से टोंस में रुका हुआ है। जहां अफसरों की लापरवाही की जानकारी टीम को मिल रही है। इस इकाई का रोटर खराब हुआ है, जिसे पहले भी सुधारा गया था। अब दोबारा इसमें खराबी आई है, जिस वजह से बिजली का उत्पादन बाधित हो रहा है। जांच दल को 19 अगस्त को यह रिपोर्ट कंपनी प्रबंधन को देनी है।

ज्ञात हो कि सिरमौर टोंस की तीन नंबर इकाई में 17 जून 2020 को भी जेनरेटर स्टेटर जलने की वजह से खराबी आई थी, जिसे दो साल एक माह में सुधारा जा सका था। विगत 13 जुलाई 2022 को इसे चालू किया गया था। जानकारों की माने तो करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पिछले दो साल तक इस यूनिट से बिजली का उत्पादन ठप रहा। अब आठ अगस्त को दोबारा इस इकाई में तकनीकी खराबी आने की वजह से बंद हो गई। सिरमौर में 105 मेगावाट की एक नंबर यूनिट भी पांच जनवरी 2022 से बंद पड़ी हुई है। इस यूनिट में भी लगभग यहीं तकनीकी खराबी आई थी।

स्थानीय अफसरों की माने तो ढाई साल की अवधि में जब यह इकाई बंद थी उस वक्त सुधार कार्य के दौरान तत्कालीन एडिशनल चीफ इंजीनियर, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन अभियंता स्तर के अधिकारियों को नियमित रूप से प्लांट में निरीक्षण के लिए जाना था, लेकिन अधिकांश अफसर दो-चार बार ही प्लांट पहुंचे। इस संबंध में प्लांट के प्रवेश द्वार पर रखे आंगतुक रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टि से भी जानकारी हासिल की जा सकती है। बताया जाता है कि इस इकाई को दोबारा चालू होने में अभी लंबा वक्त लग सकता है।

कमेटी करेगी जांच-

मप्र पावर जनरेशन कंपनी की तरफ से जांच दल में मुख्य अभियंता मटेरियल मैनेजमेंट केपी पांडे, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता आरके गुप्ता, अधीक्षण यंत्री एचएस दतार और कार्यपालन अभियंता आर के ज्योतिषी को शामिल किया गया है।

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